मानवता ही सबसे बड़ा धर्म : महापात्र

रांची: सीसीएल में कोल इंडिया महोत्सव माह के मौके पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया. सोमवार को कंपनी के विचार मंच में आयोजित समारोह में विभिन्न धर्म के गुरुओं ने हिस्सा लिया. कंपनी के निदेशक (कार्मिक) आरएस महापात्र ने कहा कि हम चाहे किसी भी धर्म के हों, मानवता ही हमारा धर्म है. मानवता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 14, 2017 8:18 AM
रांची: सीसीएल में कोल इंडिया महोत्सव माह के मौके पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया. सोमवार को कंपनी के विचार मंच में आयोजित समारोह में विभिन्न धर्म के गुरुओं ने हिस्सा लिया. कंपनी के निदेशक (कार्मिक) आरएस महापात्र ने कहा कि हम चाहे किसी भी धर्म के हों, मानवता ही हमारा धर्म है. मानवता ही हमारा कर्म है.

कार्यक्रम में पिस्का मोड़ गुरुद्वारा के बख्शीश सिंह ने कहा कि ईश्‍वर एक है, जिसने इस सृष्टि को बनाया है. सिख समाज में सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म माना गया है. परमात्‍मा का नाम लेना तथा जरूरतमंदों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है.

बरियातू मस्जिद के मौलाना डॉ असगर मिसबाही ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्म हैं, अनेक भाषाएं बोली जाती हैं. इसके बाद भी सभी मिलजुल कर रहते हैं. हिंदुस्तान की सबसे बड़ी ताकत अनेकता में एकता है. हर किसी को ईमानदारी, लगन और मेहनत से काम करने की आवश्यकता है, तभी समाज, राज्‍य, देश और आगे बढ़ेगा.

चिन्मय मिशन के स्वामी माधवानंद ने कहा कि दर्शनशास्त्र एवं वास्तविक उपयोगिता के बीच की कड़ी नैतिकता कहलाती है. यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस रास्ते पर चलें. यीशु समाज के फादर अमृत तिर्की ने कहा कि ख्रीस्त समाज में क्रूस ही नैतिकता है. अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग रास्‍ते होते हैं. नैतिकता का रास्‍ता सभी धर्मों में एक ऐसा रास्‍ता है, जो हम सभी को ईश्‍वर तक ले जाता है. इस मौके पर निदेशक तकनीकी सुबीर चंद्र, सीवीओ एके श्रीवास्तव, वीएन प्रसाद, संजय सिंह, एडी वाधवा आदि मौजूद थे.