टैक्स डिफाल्टरों के मामले में झारखंड तीसरे नंबर पर
रांची : व्यावसायिक वाहनों का टैक्स नहीं चुकानेवालों में झारखंड के डिफाल्टरों का तीसरा स्थान है. भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के 20 राज्यों में से सबसे ज्यादा डिफाल्टर पश्चिम बंगाल में हैं. यानी बंगाल में निबंधित गाड़ी के मालिकों में टैक्स देने नहीं देने की प्रवृति सबसे ज्यादा बंगाल […]
टैक्स डिफाल्टरों के मामले में झारखंड तीसरे नंबर पर
रांची : व्यावसायिक वाहनों का टैक्स नहीं चुकानेवालों में झारखंड के डिफाल्टरों का तीसरा स्थान है. भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के 20 राज्यों में से सबसे ज्यादा डिफाल्टर पश्चिम बंगाल में हैं. यानी बंगाल में निबंधित गाड़ी के मालिकों में टैक्स देने नहीं देने की प्रवृति सबसे ज्यादा बंगाल में है. इस मामले में दूसरा नंबर उत्तर प्रदेश का है.
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल में व्यावसायिक वाहनों का टैक्स नहीं चुकानेवालों की संख्या 32.35 लाख है. उत्तर प्रदेश में डिफाल्टरों की संख्या 12.09 लाख है. झारखंड में ऐसे डिफाल्टरों की संख्या 6.80 लाख है. इस मामले में चौथा स्थान हरियाणा का है.
वहां डिफाल्टरों की संख्या 6.70 लाख है. पंजाब एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां एक भी डिफाल्टर नहीं हैं. दिल्ली सहित चार राज्य ऐसे हैं, जहां डिफाल्टरों की संख्या एक लाख से अधिक है. इन राज्यों में दिल्ली सहित असम, हिमाचल और उत्तराखंड भी शामिल हैं. दिल्ली में डिफाल्टरों की संख्या 1.37 लाख, हिमाचल में 1.82 लाख, असम में 1.40 लाख और उत्तराखंड में 1.69 लाख हैं.