270 साइबर अपराधियों के घरों की होगी कुर्की, एक्शन प्लान तैयार

रांची: प्रदेश में साइबर अपराध काफी तेजी से पांव पसार रहा है. तीन जिले गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इन जिलों में 2012 से जुलाई 2017 तक कुल 295 मामले दर्ज किये गये हैं. इन मामलों में कुल 270 साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. इनमें गिरिडीह में 174, देवघर […]

By Prabhat Khabar Print Desk | October 8, 2017 7:31 AM
रांची: प्रदेश में साइबर अपराध काफी तेजी से पांव पसार रहा है. तीन जिले गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इन जिलों में 2012 से जुलाई 2017 तक कुल 295 मामले दर्ज किये गये हैं. इन मामलों में कुल 270 साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. इनमें गिरिडीह में 174, देवघर में तीन और जामताड़ा में 93 अपराधी फरार हैं.

सभी के खिलाफ कुर्की का आदेश सीआइडी मुख्यालय की ओर से जारी किया गया है. उक्त अपराधियों के अलावा गिरिडीह में 152 और जामताड़ा में 196 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस तरह देखें तो इन तीन जिलों में साइबर अपराध में कुल 618 अपराधियों की संलिप्तता पायी गयी है. यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि साइबर अपराध किस तेजी से फैल रहा है. इसकी गंभीरता को देखते हुए सीआइडी ने 100 डेज एक्शन प्लान तैयार किया है. इसको अमलीजामा पहनाने के लिए जिलों के एसपी को पुलिस मुख्यालय के स्तर से निर्देश जारी किया गया है.
साइबर अपराधियों के खिलाफ शुरू होगा
स्पीडी ट्रायल
गिरफ्तार साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सभी एसपी को कहा गया है कि वे अपने जिले के लोक अभियोजक से संपर्क कर स्पीडी ट्रायल शुरू करायें, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलायी जा सके. जिन मामलों में अपराधियों को सजा होगी, उसके अनुसंधानकर्ता को पुरस्कृत किया जायेगा.
यह है साइबर अपराधियों का गढ़
जामताड़ा जिले के नारायणपुर, करमाटांड़ थाना क्षेत्र, गिरिडीह का अहिल्यापुर, बेंगाबाद, ताराटांड़, जमुआ और गांडेय थाना क्षेत्र के अलावा देवघर का करांव, मार्गों मुंडा और पालोजोरी थाना क्षेत्र साइबर अपराधियों का गढ़ माना जाता है.
क्या है 100 डेज एक्शन प्लान में
1साइबर अपराधियों के पास से बरामद लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव आदि का फोरेंसिक जांच कराकर उसका विशलेषण करना.
2
जब्त डेबिट कार्ड, मास्टर कार्ड और क्रेडिट कार्ड के असली धारकों का पता कर उनके खातों का विवरण बैंक से लेकर उसका विश्लेषण कर कार्रवाई करना.
3
जब्त सिमों के संबंध में संबंधित मोबाइल कंपनी से असली धारक की पहचान करना. इसके बाद फर्जी सिम निर्गत करनेवाले पर कार्रवाई करना.
4
अभियुक्तों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा एकत्र कर आयकर विभाग और निगरानी ब्यूरो के माध्यम से आयकर रिटर्न आदि का पता कर विधिसम्मत कार्रवाई करना.
5
सोशल मीडिया के माध्यम से आमलोगों को साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक करना. जागरूकता के लिए बैनर-पोस्टर का भी उपयोग करना.
6
मोबाइल कंपनियों को यह निर्देश दिया कि सिम की बिक्री अधिकृत काउंटर से ही की जाये. ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाये.
7
बैंक अधिकारियों के माध्यम से फर्जी बैंक एकाउंटों का ब्योरा प्राप्त कर उसके ट्रांजेक्शन पर बैंकों से निगरानी रखना.
8
साइबर अपराधियों पर पैनी निगाह रखकर उनके ऊपर नकेल कसने की कार्रवाई करना.

Next Article

Exit mobile version