रद्द करें मशीन से राशन नहीं देनेवालों के लाइसेंस : मुख्य सचिव

रांची: मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने 30 जून तक मई माह का राशन वितरण मशीन के जरिये नहीं करनेवाले डीलरों का लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिये हैं. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ज्यादा-से-ज्यादा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को लाइसेंस देने के लिए कहा. ... जिला आपूर्ति पदाधिकारियों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 24, 2017 7:37 AM
रांची: मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने 30 जून तक मई माह का राशन वितरण मशीन के जरिये नहीं करनेवाले डीलरों का लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिये हैं. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ज्यादा-से-ज्यादा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को लाइसेंस देने के लिए कहा.

जिला आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए उन्होंने फोकस एरिया में एसएचजी को लाइसेंस देने की जरूरत बतायी. कहा कि मशीनों में खराबी की शिकायतों पर संबंधित एजेंसियों द्वारा तुरंत सुधार करना सुनिश्चित कराया जाना चाहिए. सभी जिला समय पर अनाज का उठाव कर वितरण की व्यवस्था करें.

एफसीआइ पदाधिकारी गोदामों में अनाज की उपलब्धता पक्का करें. गोदामों की कमी होने पर जिला स्तर पर फैसला लेकर किराये पर जगह लें. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी जिलों में मशीनों को माध्यम से खाद्यान्नों का वितरण किया जाये. मुख्य सचिव ने राज्य के सभी राशन कार्डधारियों को आधार सीडिंग से जोड़ने के निर्देश दिये. कहा कि जिनके आधार नहीं हैं, उनसे आधार बनवायें. नहीं बनाये जाने पर राशन कार्ड रद्द करें. मई माह के राशन का उठाव ई-पॉस के जरिये किया जाये. ई-पॉस के माध्यम से खाद्यान्न वितरण नहीं करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाये.

श्रीमती वर्मा ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा करते हुए लाभुकों से पंचायत वार कैंप लगाकर आवेदन फॉर्म भरवाने के निर्देश दिये. कहा कि संबंधित गैस कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर गैस चूल्हा और सिलिंडर का वितरण कराया जाये. केरोसिन तेल वितरण में एक जुलाई से पूरे राज्य में डीबीटी लागू की जा रही है. इस वजह से सभी चयनित लाभुकों को सफेद कार्ड वितरण किया जाये. सफेद कार्ड का शत-प्रतिशत वितरण नहीं करने वाले जिले तेजी से कार्य संपन्न करायें. श्रीमती वर्मा ने धान अधिप्राप्ति की जानकारी लेते हुए किसानों से क्रय किये गये धान का भुगतान बिलों की जांच के बाद ही देने के निर्देश दिये. कहा कि भुगतान में अनियमितता बरदाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के सचिव विनय कुमार चौबे समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.