बजट को किसी ने सराहा, तो किसी ने कहा निराशाजनक

झारखंड सरकार ने सोमवार को बजट प्रस्तुत किया है.

फोटो फाइल 3आर-10-गौतम महतो, फोटो फाइल 3आर-11- अमित साहू, फोटो फाइल 3आर-12- शोभा राय, फोटो फाइल 3आर-13- सुदीप महतो, फोटो फाइल 3आर-14- मुन्ना सोनकर, फोटो फाइल 3आर-15- सूर्यवंश श्रीवास्तव, फोटो फाइल 3आर-16- सुभम गिरि. बजट पर प्रतिक्रिया रामगढ़. झारखंड सरकार ने सोमवार को बजट प्रस्तुत किया है. बजट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. किसी ने इसे सरकार का विजनरी बजट बताया है. तो किसी ने इस बजट पर निराशा जतायी है. बजट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है. पीएचडी छात्र गौतम महतो ने कहा कि झारखंड सरकार का बजट गोली लगे घाव पर केवल पट्टी लगाने जैसा है. कहा कि विकास के मामले में यह बजट खोखला है. स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार व कृषि को बहुत ही कम बजट दिया गया है. वर्तमान समय की जरूरत के हिसाब से स्थानीय शिक्षा को आधुनिकीकरण की दिशा में काम नहीं किया गया है. फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास, समावेशिता और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है. शिक्षिका शोभा राय ने कहा कि यह बजट राज्य एवं राज्यवासियों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के साथ ही विकास को नई रफ्तार भी प्रदान करेगा. सरकार की यह दूरदर्शी नीति आर्थिक सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा. सुदीप महतो ने कहा कि यह बजट हर वर्ग के विकास का संकल्प को लेकर बनाया गया है. प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा. विकसित झारखंड की हमारी परिकल्पना को पूरा करने की दिशा में यह कारगार होगा. मुन्ना सोनकर ने कहा कि राज्य सरकार का बजट दिशाहीन और जनता को दिग्भ्रमित करने वाला है. बजट में युवा, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गयी है. यह बजट न तो राज्य के बेरोजगार युवाओं के भविष्य को संवारने वाला है, न ही महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है. भाजपा के रामगढ़ कैंट अध्यक्ष सूर्यवंश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे युवा सरकारी निजी नौकरियों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन बजट में उनके लिए कुछ भी नहीं है. स्थानीय नीति, नियोजन नीति व विस्थापन नीति को स्पष्ट नहीं किया गया है. सरकार केवल योजनाओं की घोषणा कर अपनी ढुलमुल नीति को दिखा रही है. विद्यार्थी परिषद का जिला संयोजक शुभम गिरि ने कहा कि युवाओं के लिये बजट में कुछ भी नहीं है. यह बजट सभी के लिए निराशाजनक है. इस बजट से राज्य में बेरोजगारी की समस्या बढ़ेगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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