हेसला पंचायत के विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त, प्रशासन से बनी सहमति

हेसला पंचायत के विस्थापितों का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त, प्रशासन से बनी सहमति

रामगढ़. हेसला पंचायत के विस्थापित परिवारों के आजीविका, पुनर्वास व संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ. धरना सामान्य न्यायालय परिसर स्थित बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समीप आयोजित किया गया. राजीव गांधी पंचायती राज संगठन झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष शांतनु मिश्रा के नेतृत्व में पंचायत के लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान जमीन अधिग्रहण का विरोध करते हुए लोगों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठायी. धरना में शामिल लोगों ने कहा कि हेसला पंचायत के विस्थापित परिवारों को आजीविका, पुनर्वास व संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. इसके विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है. शांतनु मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लोगों को जबरन बेघर किया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उपायुक्त रामगढ़ को तीन सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था. ज्ञापन में मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है. धरना में सुनीत शर्मा, रेयाज अंसारी, मुन्ना पासवान, मुकेश यादव, शहजाद खान, राजकुमार यादव, तारीक अनवर, एनएसयुआइ जिला अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार, युथ कांग्रेस के सरवर आलम, गगन करमाली, मंजू जोशी, टिंकू खान, आजाद सिंह मौजूद थे. हमारी सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी : जयशंकर पाठक हेसला पंचायत के विस्थापितों द्वारा दिये जा रहे धरना में शामिल होकर धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने कहा कि झारखंड की हमारी सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी. इस मामले में जो हमें जानकारी मिली है, हम उसे हम उच्च अधिकारियों के साथ-साथ सरकार को भी इस संबंध में जानकारी देंगे. तीन बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद देर शाम समाप्त हुआ धरना : जिला समाहरणालय में अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर हेसला पंचायत के ग्रामीणों एवं जिला प्रशासन के द्विपक्षीय वार्ता में दोनों पक्षों में सहमति बनी. इसमें हेसला पंचायत से संबंधित भूमि अधिग्रहण के सभी दस्तावेज ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जायेगा. ग्राम सभा में भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की जवाबदेही पतरातू अंचलाधिकारी की होगी. जब तक भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज ग्राम सभा में सार्वजनिक कर ग्रामीणों की आपत्ति का समाधान करने के बाद कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Saroj tiwary

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >