हिंदी पखवाड़े के दूसरे दिन विद्यार्थियों से संवाद, लघु नाटकों का मंचन

रामगढ़ कॉलेज में हिंदी पखवाड़े के दूसरे दिन छात्रों के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्राचार्य प्रो. विमल कुमार मिश्रा ने छात्रों से सीधे संवाद किया और हिंदी के महत्व पर जोर दिया. कार्यक्रम में लघु नाटकों का मंचन भी हुआ.

रामगढ़. रामगढ़ कॉलेज में आयोजित हिंदी पखवाड़े के दूसरे दिन विद्यार्थियों के लिए संवादात्मक कार्यक्रम हुआ. प्राचार्य प्रो. विमल कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए हिंदी के महत्व, व्यापकता व भाषा के प्रति दृष्टिकोण पर विचार साझा किये. उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संवेदना, विचार व सामाजिक जुड़ाव का आधार है. उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति संकोच या हीनभावना न रखने तथा इसका अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया.

कार्यक्रम में विद्यार्थी अक्षरा पांडेय ने भी हिंदी के महत्व और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता पर विचार रखे. हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने ‘हिंदी को शर्म क्यों?’ और ‘पर्ची किस भाषा में?’ शीर्षक लघु नाटकों का मंचन किया. प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी भाषा के प्रति सम्मान और गौरव के साथ अन्य भाषाओं के प्रति प्रेम, सम्मान और सहिष्णुता का संदेश दिया गया.

इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका व हिंदी विभाग के शिक्षक राहुल कुमार ने प्राचार्य प्रो. विमल कुमार मिश्रा को पौधा भेंट कर सम्मानित किया. कार्यक्रम के अंत में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति कमल ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मंच संचालन शोधार्थी रीना कुमारी ने किया.

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By डॉ. सलाउद्दीन

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