टूटी झरना मंदिर बना आस्था व पिकनिक का प्रमुख केंद्र, हजारों लोग जुटे

टूटी झरना मंदिर बना आस्था व पिकनिक का प्रमुख केंद्र, हजारों लोग जुटे

ऐतिहासिक महत्व के साथ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है पर्यटन स्थल कुजू. टूटी झरना मंदिर आज न सिर्फ आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि पर्यटकों और पिकनिक मनाने वालों के लिए भी सबसे पसंदीदा स्थान है. नववर्ष पर गुरुवार को यहां आसपास के दर्जनों गांवों के लोग जमा हुए. मौके पर मंदिर परिसर में हर्ष और उल्लास था. स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, टूटी झरना मंदिर का इतिहास कई दशक पुराना है. कहा जाता है कि प्राकृतिक जलधारा के नीचे भगवान शिव की प्राचीन प्रतिमा मिलने के बाद यहां मंदिर निर्माण की नींव रखी गयी थी. जलधारा के अविरल प्रवाह के कारण इस स्थान का नाम टूटी झरना पड़ा. धीरे-धीरे लोगों की आस्था बढ़ती गयी और यह स्थल धार्मिक महत्व के साथ पर्यटन स्थल भी बन गया. प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का है अनोखा संगम : मंदिर के पास बहती जलधारा, घने पेड़, खुला मैदान और शांत प्राकृतिक वातावरण आगंतुकों को मन मोह लेता है. सुबह-शाम घंटियों और मंत्रोच्चार की ध्वनि वातावरण को आध्यात्मिक रंग देती है. नववर्ष पर पिकनिक मनाने वालों का उल्लास देखने लायक था. गुरुवार को यहां हजारों लोग जमा हुए. परिजनों व दोस्तों के साथ लोगों ने खुले मैदान में बैठ कर खाना बनाया. उधर, मंदिर के आसपास बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पार्किंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर टूटी झरना मंदिर पूरे जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना सकता है.

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Published by: Saroj tiwary

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