पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Patratu Chaiti Chhath: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के चौथे दिन बुधवार को पतरातू क्षेत्र में व्रतधारियों ने उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजा-अर्चना की. इस दौरान हर घाट पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. व्रती महिलाओं और पुरुषों ने पूरी निष्ठा के साथ सूर्य उपासना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.
घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पतरातू के विभिन्न छठ घाटों, नलकारी नदी और पीटीपीएस डैम सहित अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अहले सुबह से ही व्रतधारी सूप, दौरा और प्रसाद लेकर घाटों पर पहुंचने लगे. पूरा माहौल छठी मईया के जयकारों और लोकगीतों से गूंज उठा. महिलाएं पारंपरिक गीत गाते हुए पूजा में लीन नजर आईं.
भक्ति गीतों से गूंजा वातावरण
घाटों पर भक्ति का अनोखा रंग देखने को मिला. व्रती महिलाएं छठ गीत गाते हुए पूजा-अर्चना कर रही थीं. पारंपरिक लोकगीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया. श्रद्धालु पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ सूर्य देव की आराधना में लीन रहे.
विशेष सजावट और सेवा व्यवस्था
पतरातू डैम स्थित प्रमुख छठ घाट पर मानव सेवा संस्था द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया था, जिससे उसकी सुंदरता और बढ़ गई थी. सात घोड़ों पर सवार भगवान सूर्य की भव्य प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही. संस्था की ओर से व्रतियों के बीच फल, फूल, दूध और नारियल का वितरण भी किया गया.
सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजाम
घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. कई स्थानों पर आकर्षक तोरण द्वार बनाए गए थे, जिससे घाटों की भव्यता और बढ़ गई थी. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करता रहा.
सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही. राजीव रंजन, बबलू सिन्हा, धर्मेंद्र कुमार, अशोक कुमार, अजय कुमार, सुधीर कुमार, विकास कुमार गुप्ता, पवन कुमार, मनीष कुमार अग्रवाल, सुजीत कुमार पटेल, नीरज झा, करण चतुर्वेदी, राजेंद्र कुमार, रमाकांत प्रसाद, अजय कुशवाहा, शंभू शरण, सुभाष शर्मा और अनीता जैन समेत कई लोग सेवा कार्य में जुटे रहे.
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आस्था और व्यवस्था का अद्भुत संगम
कुल मिलाकर पतरातू में छठ पर्व के मौके पर आस्था, भक्ति और सामाजिक सहयोग का अद्भुत संगम देखने को मिला. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और प्रशासन की बेहतर व्यवस्था ने इस पर्व को और भी भव्य बना दिया.
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