Jharkhand High Court, रांची, (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर दायर अवमानना याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई की है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने इस मामले में मंदिर के कायाकल्प को लेकर कई निर्देश जारी किए हैं.
80 करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट
सुनवाई के दौरान सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़ी कंपनी ‘चड्ढा एसोसिएट’ के राजीव चड्ढा ने मंदिर परिसर के मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन दिया. खंडपीठ के समक्ष वीडियो, फोटोग्राफ्स और नक्शा प्रस्तुत कर भविष्य की रूपरेखा दिखाई गई. जिसमें बताया गया कि सौंदर्यीकरण कार्य में लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है. प्रेजेंटेशन देखने के बाद अदालत ने कहा कि सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए. विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पेश करने के लिए 6 सप्ताह का समय दिया गया है.
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दुकानदारों का पुनर्वास और अस्थायी व्यवस्था
रामगढ़ के उपायुक्त (DC) इस सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित थे. उन्होंने कोर्ट में बताया कि विस्थापित होने वाले दुकानदारों के लिए खास व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि 254 दुकानदारों के लिए अगले 15 दिनों के भीतर अस्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही स्थायी पुनर्वास के लिए 3.8 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां दुकान और पार्किंग स्थल का निर्माण किया जाएगा.
पुराना इतिहास और देरी पर चिंता
प्रार्थी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मंदिर के कायाकल्प की योजना काफी पुरानी है. वर्ष 2002 में ही इसके लिए 125 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी. फिर वर्ष 2017-18 में DPR बन गया और 2018 में 200 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हुए थे, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ सका.
कब होगी अगली सुनवाई
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की है. उस दिन भी रामगढ़ के उपायुक्त को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. यह याचिका संजीव कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है.
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