सड़क हादसे में पत्रकार की मौत, गोला में शोक की लहर

Road Accident: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में सड़क हादसे में पत्रकार लाल किशोर महतो की मौत हो गई. डुंडीगाछी के पास उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई. घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है. जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने अस्पताल पहुंचकर श्रद्धांजलि दी. वे अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

गोला से राजकुमार की रिपोर्ट

Road Accident: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड क्षेत्र में रविवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. बेटुलकला निवासी पत्रकार लाल किशोर महतो की लगभग 10 बजे दुर्घटना में मौत हो गई. घटना के बाद क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है.

अनियंत्रित होकर पलटी गाड़ी, मौके पर मौत

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किशोर महतो अपनी स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे. इसी दौरान डुंडीगाछी के समीप उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. वाहन के नीचे दब जाने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही गोला पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई इस दुखद समाचार से स्तब्ध नजर आया.

जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने जताया शोक

घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ विधायक ममता देवी समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी अस्पताल पहुंचे. मगनपुर मुखिया नुरुल्लाह अंसारी, पूर्व मुखिया बजरंग महतो, नव कुमार महतो, संतोष चौधरी, अमित महतो और राजेश महतो सहित कई लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया. पत्रकार साथियों में भी गहरा दुख देखा गया. सभी ने इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

जुझारू और जनसमर्पित पत्रकार थे लाल किशोर महतो

लाल किशोर महतो एक निर्भीक और जनसमर्पित पत्रकार के रूप में अपनी अलग पहचान रखते थे. वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे. क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं को उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया. उनके सरल, मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के कारण वे आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थे. हर व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की उनकी आदत ने उन्हें समाज के हर वर्ग का प्रिय बना दिया था.

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

लाल किशोर महतो अपने पीछे पत्नी मुन्नी किशोर महतो और दो बेटियों को छोड़ गए हैं. उनकी पत्नी पूर्व में मुखिया रह चुकी हैं. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. सोमवार सुबह तक उनका पार्थिव शरीर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में रखा गया था. पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ भेजने की तैयारी की जा रही थी. इस असामयिक निधन से गोला ने एक कर्मठ और प्रतिबद्ध पत्रकार को खो दिया है. उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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