दूसरे दिन भी सीसीएल परियोजनाओं का कार्य ठप, चरही से लेकर लईयो तक बिजली प्रभावित

दूसरे दिन भी सीसीएल परियोजनाओं का कार्य ठप, चरही से लेकर लईयो तक बिजली प्रभावित

केदला. सीसीएल की केदला भूगर्भ परियोजना के माइंस क्षेत्र के समीप बिजली कार्य के दौरान घटी घटना को लेकर दूसरे दिन भी एरिया के विभिन्न सीसीएल परियोजनाओं में कोयला उत्पादन से लेकर डिस्पैच कार्य ठप है. इस सीसीएल को करोड़ों का नुकसान हो रहा है. ग्रामीण ने केदला बसंतपुर वाशरी सब स्टेशन में ताला जड़ दिया है. इसके बाद से सीसीएल परियोजनाओं से लेकर कॉलोनियों व आसपास के गांवों में दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है. लोग बिजली को लेकर काफी परेशान है. इधर आंदोलन कारी व प्रबंधन में सामंजस बैठने का तैयार नहीं है. जिसके कारण आंदोलन थमने का काम नहीं ले रहा है. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण केदला भूगर्भ परियोजना में प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है. गौरतलब हो कि केदला भूगर्भ परियोजना में बिजली के चपेट में आने से बिजली मिस्त्री की मौत के उपरांत लईयो के ग्रामीणों ने रविवार सुबह में जमकर प्रदर्शन करते हुए तमाम परियोजनाओं का कार्य ठप कर दिया है, जो सोमवार को भी आंदोलन जारी है. चरही से लेकर लईयो तक सुबह से बिजली आपूर्ति ठप हो गया है. ग्रामीण धरना देते हुए प्रबंधन से मुआवजे की मांग कर रहे थे. ग्रामीणों ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण कार्य के दौरान ढोटाटांड़ निवासी बिजली मिस्त्री राजू महतो (पिता स्व. चुरामन महतो) की मौत हुई है. वही कार्य के दौरान ही मुकेश महतो (पिता शिवनारायण महतो) गंभीर रूप से घायल हुआ है. मौके पर मुखिया मदन महतो ने कहा कि ग्रामीण इसके विरोध में सीसीएल झारखंड उत्खनन परियोजना, केदला उत्खनन परियोजना, केदला भूगर्भ परियोजना का तमाम कार्य रविवार सुबह सात बजे से ठप कर दिया है. मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

प्रबंधन से मांग है कि मृतक के आश्रित को 25 लाख रुपया, एक वैकल्पिक रोजगार व उसके बच्चों को 18 साल तक शिक्षा दिलाने का है. वही घायल के बेहतर इलाज मांग की गयी है. प्रबंधन की ओर से अभी तक वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है. आंदोलन कारी ने कहा कि जब तक मांग पूरा नहीं हो जाती है. ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहेगा. खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का आंदोलन जारी था. वही परियोजना में दो दिनों से ओपी पुलिस दल बल के साथ मुसतैद है. आंदोलन में मुख्य रूप से हेमलाल महतो, मुखिया रमेश राम, राजेश रजवार, रवि कुमार, रूपा महतो, बसंत कुमार, बलभद्र दास, किशुन महतो, बसंत महतो, जेपी झा, जयनाथ महतो, लीलावती देवी, जिप सदस्य भोला तुरी, फलेंद्र महतो, किशोर महतो, गोविंद महतो, जगमोहन कुमार महतो सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल है.

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Author: Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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