अधिकारियों-कर्मियों का वेतन किया बंद

अधिकारियों-कर्मियों का वेतन किया बंद

चितरपुर. चितरपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में फैली अव्यवस्था और लापरवाही पर सोमवार को रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज ने बड़ा एक्शन लिया. औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने पर उपायुक्त ने प्रखंड, अंचल एवं बाल विकास कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया. साथ ही एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी. उपायुक्त ने चितरपुर प्रखंड का दौरा कर राजस्व शिविर, प्रखंड सह अंचल कार्यालय समेत विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया. राजस्व शिविर में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं राजस्व सेवाओं का लाभ पारदर्शी और त्वरित तरीके से आम लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है. उपायुक्त ने शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन करने तथा लंबित मामलों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने का निर्देश दिया. लाभुकों के बीच बांटे प्रमाण पत्र निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दाखिल-खारिज से संबंधित प्रमाण पत्र भी लाभुकों के बीच वितरित किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगवाया जाये और अधिकतर मामलों का समाधान शिविर स्तर पर ही किया जाये. कार्यालय में मिली भारी अव्यवस्था उपायुक्त द्वारा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में फाइलों का रख-रखाव अव्यवस्थित मिला. महत्वपूर्ण पंजियों एवं दस्तावेजों का संधारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया. कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब थी. कार्यालय संचालन से जुड़े अन्य कई क्षेत्रों में भी गंभीर लापरवाही सामने आयी, जिस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जतायी. उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में भी कार्यालयों की व्यवस्था सुधारने, अभिलेखों को अद्यतन रखने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिया गया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया. इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए उन्होंने संबंधित कार्यालयों के सभी अधिकारियों और कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों में सुधार सुनिश्चित किया जाये. यदि तय समय के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ अग्रेतर कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्रवाई की जायेगी. निरीक्षण के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, चितरपुर सीओ दीपक मिंज सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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Author: Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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