मांडू. वन समिति को पुनर्जीवित करने तथा वन क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर मंगलवार को वन विभाग परिसर में जैयका (जेआइसीए) की टीम ने विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व वन समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने व पर्यटन को बढ़ावा देने पर चर्चा की गयी. बैठक में वन समिति के पदाधिकारियों ने मांडू वन क्षेत्र अंतर्गत सरवाहा स्थित वाटर फॉल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा. गंधौनिया गर्म कुंड क्षेत्र को विकसित कर पर्यटक स्थल के रूप में पहचान दिलाने की मांग की गयी. समिति के सदस्यों ने वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर महुआ के पौधे लगाने तथा पत्ता से पत्तल निर्माण को बढ़ावा देने की सलाह दी. बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि वन क्षेत्रों में उपलब्ध औषधीय पौधों एवं फलों के लिए उचित बाजार उपलब्ध कराया जाये. जापान से आयी जैयका टीम के सदस्यों ने वन समिति एवं वन अधिकार समिति को और अधिक सक्रिय एवं सुचारू रूप से संचालित करने की आवश्यकता बतायी. सभी आगंतुकों का स्वागत रेंजर बटेश्वर पासवान ने किया. मौके पर डीएफओ नीतीश कुमार, रेंजर बटेश्वर पासवान, वनपाल विकास उरांव, अनुज कुमार, शैलेंद्र कुमार, सुनील कुमार, विनोद सिंह, देवकी महतो, मुखिया बैजनाथ राम, दशरथ महतो, प्रभुनाथ महतो, निरंजन महतो उपस्थित थे.
वन समिति को पुनर्जीवित करने पर मंथन, पर्यटन और रोजगार सृजन पर जोर
वन समिति को पुनर्जीवित करने पर मंथन, पर्यटन और रोजगार सृजन पर जोर
