सीसीएल के रीजनल वर्कशॉप कैंपस में लगी आग, 12 पुराने वाहन जले

सीसीएल के रीजनल वर्कशॉप कैंपस में लगी आग, 12 पुराने वाहन जले

भुरकुंडा. रिवर साइड भुरकुंडा स्थित सीसीएल के रीजनल वर्कशॉप के कैंपस में बुधवार की दोपहर करीब बजे आग लग गयी. आग की लपटें काफी तेज थी. वर्कशॉप कर्मियों ने मामले की जानकारी दमकल विभाग को दी. इसके बाद सीसीएल के उरीमारी व बरकाकाना वर्कशॉप से दमकल की टीम मौके पर पहुंची. करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इस दौरान अफरा-तफरी मची रही. आग की घटना में करीब एक दर्जन पुराने वाहन पूरी तरह से जल गये. कैंपस में करीब 70 पुराने वाहन रखे हुए थे. बताया गया कि करीब 10 वर्ष पूर्व सीसीएल के रांची मुख्यालय से पुराने वाहनों को यहां ऑक्शन के लिए लाया गया था, लेकिन आज तक ऑक्शन नहीं हो सका. वाहन कैंपस में ही रखे हुए हैं. वर्कशॉप कैंपस के अंदर झाड़ियां उगी हुई हैं. इससे आग ने और भयावह रूप ले लिया था. वर्कशॉप के कर्मचारियों का कहना था कि झाड़ियों के कारण हमेशा खतरा बना रहता है. जहां आग लगी थी, उसी के करीब वर्कशॉप की कई यूनिट है. इसमें मशीनों की मरम्मत का काम होता है. यदि आग का दायरा बढ़ता, तो मामला गंभीर हो सकता था. इधर, आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा था. वर्कशॉप के इंचार्ज ने बताया कि मामले की जानकारी एरिया व रांची मुख्यालय को दे दी गयी है. इंचार्ज ने आशंका जतायी है कि किसी असामाजिक तत्व ने घटना को अंजाम दिया है. मालूम हो कि इस रीजनल वर्कशॉप में स्थानीय बरका-सयाल के अलावा सीसीएल के अन्य क्षेत्र रजरप्पा, एनके, कुजू, अरगड्डा क्षेत्र से ट्रांसफॉरमर, मशीनें मरम्मत के लिए आती है. पांच साल से टूटी हुई है वर्कशॉप की चहारदीवारी : कैंपस के जिस हिस्से में आग लगी थी, वहां पर चहारदीवारी का बड़ा हिस्सा करीब पांच साल से टूटा हुआ है. टूटे हुए हिस्से की मरम्मत के लिए वर्कशॉप प्रबंधन कई बार मुख्यालय को पत्र लिख चुका है, लेकिन मरम्मत का काम अब तक नहीं हुआ है. टूटे हिस्से को टिन से घेर कर छोड़ दिया गया था. यह टिन भी अब लगभग गायब हो चुका है. इस टूटे हिस्से का फायदा उठाकर चोर अक्सर वर्कशॉप में घुसकर चोरी व लूट की घटना को अंजाम देते रहते हैं. करीब आठ माह पहले अपराधियों ने इसी टूटे हिस्से से वर्कशॉप में घुसकर करीब 10 लाख रुपये के कॉपर वायर व अन्य सामान लूट लिया था. सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट भी किया था. इससे पहले भी चोरी व लूट की घटनाएं होती रही है.

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