मांग. क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष से ठेका मजदूरों ने की मुलाकात
90 मजदूरों के निर्गत नहीं किये गये गेटपास बेरोजगार होने का भय
मामले को जानने सांसद जयंत सिन्हा आज आयेंगे पीटीपीएस
पतरातू : पीटीपीएस में कार्यरत ठेका मजदूरों ने बिहार विद्युत कामगार संघ के तत्वावधान में राज्य 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद से मुलाकात की. उन्होंने श्री प्रसाद से अपनी समस्याएं रखी. श्री प्रसाद ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग झारखंड सरकार को पत्र लिखा गया है. संघ के अध्यक्ष नरेश महतो ने कहा कि मजदूरों द्वारा पूर्व में स्थानीय सांसद सह केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा को भी ज्ञापन सौंप कर समस्याओं के समाधान की मांग की गयी थी. उन्होंने मजदूरों का काम से बेदखल नहीं किये जाने का आश्वासन दिया गया है.
श्री महतो ने कहा कि अब मजदूरों का किसी तरह एक-एक महीने का गेटपास बनाया जा रहा है. इसी बीच 85-90 ठेका मजदूरों का गेटपास एक अप्रैल से नहीं बनाते हुए उन्हें काम पर जाने से रोक दिया गया. अब मजदूरों में रोजगार को लेकर भय है. उन्होंने कहा कि इसकी सूचना मिलने पर सांसद जयंत सिन्हा व राज्य 20 सूत्री उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद दो अप्रैल को पीटीपीएस आयेंगे. ठेका मजदूर अपनी समस्याओं को उनके सामने रखेंगे व समाधान की मांग करेंगे.
मजदूरों का धरना स्थगित
लगभग 90 मजदूर का एक अप्रैल से गेटपास निर्गत नहीं किया गया व कार्य से बैठा दिया गया. इसे लेकर मजदूर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने वाले थे. दो अप्रैल को पीटीपीएस में सांसद के आगमन को लेकर धरना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. मजदूरों का कहना है कि समस्याओं को सांसद के सामने रखा जायेगा. उन्होंने आशा जतायी कि सांसद द्वारा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जायेगा.
श्रमिकों के समायोजन के लिए पहल हो : राकेश
राज्य 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद द्वारा ठेका मजदूरों की समस्याओं के समाधान हेतु अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग झारखंड सरकार को पत्र लिखा गया है. कहा गया है कि पीटीपीएस प्लांट का संचालन पीवीयूएनएल द्वारा किया जा रहा है. कार्यरत कुल 515 ठेका श्रमिकों में से केवल 42 श्रमिकों का ही समायोजन विद्युत विभाग के विभिन्न निगम में हुआ है. जबकि झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड ने इन ठेका श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक रखने की बात कही है. पत्र में 473 असमायोजित स्थायी ठेका श्रमिकों के समायोजन हेतु स्थायी पहल करने की बात कही गयी है.
