ग्रामीणों ने ट्रांसपोर्टिंग के कार्य को बाधित रखा
कुजू : सीसीएल कुजू क्षेत्र के करमा परियोजना हॉल रोड में गुरुवार की रात हाइवा की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गयी. ग्रामीणों ने आश्रितों के लिए नौकरी व मुआवजा राशि की मांग को लेकर परियोजना का समुचित कार्य को ठप कर दिया. वार्ता सफल होने के बाद मृतक के शव को अंत्यपरीक्षण के लिए हजारीबाग भेजा गया. जानकारी के अनुसार खीराबेड़ा सुगिया निवासी विक्की कुमार करमाली (22 वर्ष) पिता स्व डेगलाल करमाली अपनी मोटरसाइकिल जेएच02एएफ-0138 से करीब 11 बजे लोडिंग प्वाईंट जा रहा था. इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे हाइवा जेएच02एएफ-5983 ने विक्की को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे इलाज के लिए रामगढ़ केजीटी अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद मेदांता अस्पताल रांची रेफर कर दिया गया.
रांची ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गयी. शव का अंत्यपरीक्षण कराने के लिए मौके पर पहुंची कुजू पुलिस को ग्रामीणों ने शव को उठाने से रोक दिया. बाद में ओपी प्रभारी रामेश्वर भगत की मौजूदगी में पीओ कार्यालय में वार्ता हुई. उनके आश्रित को पीओ एसके पराश्रय ने तत्काल 50 हजार रुपये नकद दिये. जबकि दो लाख रुपये 10 दिनों के अंदर देने का भरोसा दिलाया. वहीं लिफ्टर ने भी 10 हजार रुपये दिये. इसके अलावे रतवे पंचायत के मुखिया तूलेश्वर प्रसाद ने मांडू सीओ से मृतक के आश्रित को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की. तब जाकर ग्रामीणों ने कोलियरी का काम चालू होने दिया. साथ ही बराही ट्रांसपोर्टर की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने ट्रांसपोर्टिंग के कार्य को बाधित रखा है. मृतक के मामा कौलेश्वर करमाली ने कुजू ओपी में मामला दर्ज कराया है. वहीं हाइवा मालिक डॉ सेराज ने कहा कि लोगों ने षड़यंत्र के तहत हमारा हाइवा का नंबर देकर फंसाने का काम किया है. जबकि हाइवा से ऐसी घटना नहीं घटी है.
इकलौता पुत्र था विक्की : विक्की कुमार करमाली की मौत से माता शांति देवी काफी सदमे में हैं. मां का कहना है कि उसका एकलौता पुत्र विक्की ही मात्र सहारा था. उन्होंने बताया कि उनका अपना घर बनासो खरकट्टो था. लेकिन विक्की के पिता के मौत के बाद उनके मायके वालों ने खीराबेड़ा बुला लिया था. विक्की हाल के दिनों से ही कामकाज करने में जुटा था. उसकी मौत से मैं पूरी तरह बेसहारा हो गयी हूं.
वार्ता के दौरान उठी कई मांग : वार्ता में शामिल लोगों ने पीओ एसके पराश्रय के समक्ष कई मांगों को रखा. ग्रामीणों ने कहा कि प्रबंधन गांवों में विकास करना तो दूर परियोजना के कार्यों का सही रख-रखाव भी नहीं करता. ग्रामीणों ने हॉल रोड के साथ गांव के अन्य सड़कों में भी पानी का छिड़काव करने, सेल में आने वाले ट्रकों का पार्किंग बनवाने, रात्रि में माइंस में घुसने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की. पीओ ने ग्रामीणों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है.
वार्ता में पीओ के अलावे मैनेजर एसके सिंह, ट्रांसपोर्टर तिवारी महतो, झामुमो नेता राजकुमार महतो, मुखिया तूलेश्वर प्रसाद, पंसस प्रेमचंद मुंडा, मोहरलाल महतो, पुनित करमाली, राजनाथ महतो, खागेश्वर महतो, मो गुलजार, भोला यादव, पोखलाल मुंडा, प्रभु मुंडा, गिरधारी महतो, भुनेश्वर महतो, सैनाथ महतो, बाबूलाल करमाली, घनश्याम महतो, संजय कुमार महतो व अन्य शामिल थे.
