आउटसोर्सिंग कंपनी बीजीआर का काम बंद
केदला : सीसीएल की परेज इस्ट ओपेन कास्ट प्रोजेक्ट में काम करने आयी आउटसोर्सिंग कंपनी बीजीआर का काम भू-माफियाओं के कारण बंद पड़ा है. कंपनी बेड़वा टोला में खदान चलाने के लिये करीब दो साल से है लेकिन काम प्रारंभ नहीं किया जा सका है. बसंतपुर पंचायत के बेड़वा टोला निवासी सह झाविमो नेता संजुल टुडू व मरिया दास ने बताया कि बेड़वा टोला के आस पास करीब तीन सौ एकड़ से अधिक जमीन है. यह जमीन यहां के रैयत की देखरेख में वर्षों से है. ग्रामीण द्वारा उस जमीन का रसीद कट रहा है. लेकिन कुछ बाहर के भू-माफियाओं ने पैसे के बल पर करीब सौ एकड़ रैयती जमीन का फरजी कागजात बना लिया है.
तथा सीसीएल चरही जीएम कार्यालय में कागजात जमा कर नौकरी व मुआवजा की मांग कर रहे है. ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी है. भू-माफियाओं के कारण बीजीआर कंपनी को नुकसान सहना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सभी रैयत ने जमीन की जांच की मांग को लेकर मांडू सीओ तथा रामगढ़ डीसी को आवेदन दिया है. हालांकि जमीन की जांच का काम प्रारंभ कर दिया गया है. जब तक यहां के रैयतों को हक व भू-माफियाओं को नहीं हटाया जायेगा, तब तक ग्रामीण बीजीआर कंपनी को काम नहीं करने देगी.
जल्दी ही खुलेगी परियोजना : विजय रेड्डी
इस संबंध में बीजीआर कंपनी के मैनेजर विजय रेड्डी ने कहा कि जमीन की जांच हो रही है. मार्च माह के अंत तक बेड़वा टोला में खदान खुल जायेगा. नहीं खुलने पर सीसीएल पर मामला दर्ज कर नुकसान की वसूली करेगी. अब तक कंपनी के करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है.
रैयत को मिलेगा हक : पीओ
परेज परियोजना के पीओ अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि बेड़वा टोला की जमीन की जांच सीओ व राजस्व कर्मचारी द्वारा किया जा रहा है. वास्तविक रैयतों को पूरा हक मिलेगा. बीजीआर कंपनी का खदान खुलवाने का काम किया जायेगा.
