सचिवालय में बिजली नहीं, और वाई-फाई लगा दिया गया
सरकार की नजर में चल रहा सचिवालय, हकीकत में है बंद
चितरपुर : सरकार ने दो वर्ष पूर्व लगभग 20 लाख रुपये खर्च कर चितरपुर पश्चिमी पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया है. इसके बावजूद मुखिया पंचायत सचिवालय का उपयोग नहीं करते हैं. मुखिया अपने घर में ही कार्यालय खोल कर बैठते है.सचिवालय के गेट में लगा ताला जंग खा चुका है.
मजे की बात यह है कि यहां बिजली अभी तक नहीं पहुंची है और वाई-फाई लगा दिया गया है. पंचायत सचिवालय की चहारदीवारी व गेट निर्माण के साथ यहां तक पहुंचने के लिए लाखों रुपये खर्च कर पीसीसी पथ बनाया गया है. सूत्रों के मुताबिक सरकार के नजर में यह पंचायत सचिवालय चल रहा है. लेकिन हकीकत में सचिवालय बंद रहता है. लोगों ने यह भी बताया कि पंचायत सचिवालय के अंदर शौचालय, डीप बोरिंग, वायरिंग आदि क्षतिग्रस्त हो गये है. शौचालय का टंकी भी टूट गया है. यह पंचायत सचिवालय जुआरियों का अड्डा बना रहता है. मुखिया से सचिवालय खुलने के संदर्भ में फोन किया गया. लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पायी.
बंद होने की नहीं है जानकारी : बीडीओ
बीडीओ नूतन कुमारी ने कहा कि पंचायत सचिवालय बंद होने की सूचना नहीं है. अगर ऐसी बात है, तो इसकी जांच की जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार पैसे खर्च कर रही है, तो इसका सही उपयोग होना चाहिए.
गोला : गोला प्रखंड क्षेत्र के मगनपुर में पंचायत सचिवालय पिछले छह वर्षों से अधूरा है. अबतक पंचायत को इंटरनेट से नहीं जोड़ा गया है. पंचायत सचिवालय भवन को पूरा करने के लिए कई बार प्रखंड स्तर पर संवेदक बने पूर्व पंचायत सेवक को नोटिस दिया चुका है.
जनप्रतिनिधि पुराने जर्जर पंचायत भवन में बैठक करते है. पंचायत सेवक बोधी महतो ने बताया कि भवन पूरा नहीं होने से कोई भी काम ऑनलाइन नहीं हो पा रहा है. भवन अधूरा रहने से यह जुआ अड्डा में बदल गया है. पिछले दिनों पुलिस ने यहां छापामारी भी किया गया था. इसके बावजूद इस पर रोक नहीं लग पायी है. उपमुखिया ने भवन पूरा करने की मांग की: उप मुखिया समीर अंसारी ने पंचायत सचिवालय को पूरा करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि भवन अधूरा रहने से पंचायत में कई विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है. इसके अलावे ग्रामीण साबिर अंसारी, मनोज प्रसाद सहित अन्य लोगों ने भी पंचायत भवन को पूरा करने की मांग की है.
