परेशानी. प्रबंधन से वार्ता के बाद शुरू हुआ काम
बारूघुटू दुधमटिया के ग्रामीण मंगलवार को माइंस में की जा रही ब्लास्टिंग के िवरोध में सड़क बनाने के काम को रोक दिया. इनका कहना था िक बगैर सुरक्षा के ही प्रबंधन काम कराती है. इससे जानमाल के नुकसान की आशंका बनी रहती है.
घाटोटांड़ : सीसीएल परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना खदान से सटे बारूघुटू दुधमटिया गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को सीसीएल द्वारा खदान के किनारे बनाये जा रहे माइंस रोड निर्माण कार्य को रोक दिया. प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद काम करीब दो घंटे बाद चालू हुआ. काम रोकने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन सुरक्षा की अनदेखी कर गांव से सटा कर खदान चला रही है.
जिसमें होने वाले हेवी ब्लास्टिंग से उनके बीच दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कई बार हेबी ब्लास्टिंग से पत्थर उड़ कर उनके गांव में आ जाता है.
कई बार बिना सायरन बजाये व सड़क पर सुरक्षा के लिए बिना आदमी तैनात किये हेवी ब्लास्टिंग कर दी जाती है. सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं किया जाता. इससे गुस्साये ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन द्वारा खदान के किनारे बनाये जा रहे पथ निमार्ण कार्य में लगे डोजर को रोक दिया.
पथ निर्माण कार्य बंद होने पर प्रबंधन की ओर से परियोजना पदाधिकारी व प्रबंधक मौके पर आकर ग्रामीणों के साथ वार्ता किये़ वार्ता में हेवी ब्लास्टिंग पर नियंत्रण रखने सहित सड़क पर पानी छिड़काव कराने पर प्रबंधन सहमत हुआ. इसके बाद काम चालू हुआ. वार्ता में ग्रामीणों की ओर से पूर्व जिला परिषद सदस्य योधेश्वर सिंह भोगता,कैलाश भुईंया, लखन भोगता, नरेश भुईंया, गुडू अगरिया, सहित दर्जनों महिलाएं शामिल थी.
