नक्सली बंदी का मिला-जुला असर

घाटोटांड़ : नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों द्वारा घोषित दो दिवसीय झारखंड-बिहार बंद के पहले दिन वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र के विभिन्न सीसीएल परियोजनाओं के कोयला परिवहन पर गहरा असर पड़ा. सीसीएल की झारखंड उत्खनन परियोजना, केदला बसंतपुर वाशरी, केदला उत्खनन परियोजना,केदला भूगर्भ परियोजना , परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना तापिन आदि परियोजना का कोयला परिवहन कार्य […]

घाटोटांड़ : नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों द्वारा घोषित दो दिवसीय झारखंड-बिहार बंद के पहले दिन वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र के विभिन्न सीसीएल परियोजनाओं के कोयला परिवहन पर गहरा असर पड़ा. सीसीएल की झारखंड उत्खनन परियोजना, केदला बसंतपुर वाशरी, केदला उत्खनन परियोजना,केदला भूगर्भ परियोजना , परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना तापिन आदि परियोजना का कोयला परिवहन कार्य रविवार रात से ही ठप है.
क्षेत्र के सभी लोकल सेल पर बंद का असर दिखा. किसी भी लोकल सेल में लोडिंग नहीं हुई. झारखंड उत्खनन परियोजना में आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रही एएमआर कंपनी का संपूर्ण कार्य ठप रहा. जबकि सीसीएल के विभिन्न परियोजनाओं में उत्पादन कार्य सामान्य दिनों की तरह चला. उग्रवाद प्रभावित इलाकों में यात्री वाहन कम चले. दुकानें खुली रही, स्कूल, बाजार,सरकारी-गैर सरकारी प्रतिष्ठान में कामकाज हुआ.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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