बंजर भूमि में हरियाली आयी

बंजर भूमि में हरियाली आयीटपक सिंचाई प्रणाली पद्धति से मिली सफलताफोटो फाइल : 13 चितरपुर एम, एन फसल के साथ एवं टपक सिंचाई को दिखाते किसानसोनडीमरा . मेहनत कभी किसी का मोहताज नहीं होता है. मन दृढ़ इच्छा शक्ति और कुछ करने की तमन्ना हो तो कठिन से कठिन कार्य आसान हो जाता है. उक्त […]

बंजर भूमि में हरियाली आयीटपक सिंचाई प्रणाली पद्धति से मिली सफलताफोटो फाइल : 13 चितरपुर एम, एन फसल के साथ एवं टपक सिंचाई को दिखाते किसानसोनडीमरा . मेहनत कभी किसी का मोहताज नहीं होता है. मन दृढ़ इच्छा शक्ति और कुछ करने की तमन्ना हो तो कठिन से कठिन कार्य आसान हो जाता है. उक्त कहावत को रम्हारु निवासी रामनाथ महतो ने चरितार्थ किया है. जानकारी के अनुसार रामनाथ ने लगभग एक एकड़ बंजर भूमि में टपक सिंचाई प्रणाली पद्धति के तहत मिश्रित फसल लगायी है. इसमें एक साथ फरसबीन, टमाटर, खीरा, कदू आदि फसल की है. इस दौरान किसान श्री महतो ने बताया कि टपक सिंचाई के माध्यम से फसल में बूंद दो बूंद पानी पड़ता है. जिससे पानी की बरबादी भी नहीं होती है और कम पानी में ही फसल की अच्छी उपज हो जाती है. साथ ही खर पतवार भी नहीं निकलता है. बूंद – बूंद पानी गिरने से सीधे फसलों के जड़ में जाता है. जिससे फसलों में हमेशा नमी बनी रहती है और उपज भी अधिक होता है. उन्होंने बताया कि टपक सिंचाई के माध्यम से वह खेती करता है. जिससे एक माह में आठ से दस हजार रुपये की आमदनी होती है. जिससे उनके परिजनों का भरण – पोषण होता है. उन्होंने बताया कि टपक सिंचाई के बदौलत ही आज वे अपना ट्रैक्टर खरीद कर दूसरे कार्य में लगाया है. इस नयी तकनीक को देखने के लिए दूर – दराज से किसान रामनाथ के फसलों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >