अोके… मालवाहक टेंपो चलाती है, दुकानों तक सामान पहुंचाती है फोटो फाइल 11आर-टेंपो चालक बसंती देवी. हेडलाइन…बेमिसाल है बसंती के संघर्ष का जज्बा नशे में डूबा रहता है पति, ऊपर से चार बच्चों की परवरिश का बोझ. सुमित कुमार, रामगढ़. जनता टॉकिज भुरकुंडा के निकट रहने वाली बसंती देवी (पति नवल बहादुर) कड़े संघर्ष कर अपने बच्चों का लालन-पालन कर रही है. वह टेंपो चला कर परिवार का भरण पोषण कर रही है. बसंती देवी टेंपो से होल सेल दुकानों से रिटेल दुकानों में सामान पहुंचाने का कार्य करती है. बसंती देवी जिला की एक मात्र टेंपो चालक है. बसंती देवी रामगढ़ के गांधी स्मारक उच्च विद्यालय के समक्ष चूड़ी की होल सेल दुकान में टेंपो लेकर आयी थी. उसने कहा कि वह काफी मुश्किलों से अपना व अपने बच्चों का जीवन यापन कर पा रही है. उसका पति नशे में डूबा रहता है तथा उसकी मदद नहीं करता. वह दो वर्ष से टेंपो चला रही है. इससे पूर्व वह आठ वर्षों तक रिक्शा भी खींच चुकी है. उसने बताया कि वह मजदूरी भी कर चुकी है. इसके अलावा पूजा सामग्री व चाय दुकान भी चलायी है. उसने सब्जी भी बेची है. उसका कहना है कि कहीं से कोई सहायता नहीं मिलने से व मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने का इरादा बना चुकी थी. लेकिन अपने बच्चों की खातिर वह जीवित है. उसके चार बच्चे 14 वर्ष की सपना, 10 वर्ष का ध्रुव, सात वर्ष का नवीन व पांच वर्ष का प्रवीण है. बसंती देवी का कहना था कि अगर कुछ सरकारी सहायता मिल जाये, तो जीवन के संघर्ष में सहायता होगी तथा बच्चों का लालन-पालन ठीक से हो पायेगा.
ओके... मालवाहक टेंपो चलाती है, दुकानों तक सामान पहुंचाती है
अोके… मालवाहक टेंपो चलाती है, दुकानों तक सामान पहुंचाती है फोटो फाइल 11आर-टेंपो चालक बसंती देवी. हेडलाइन…बेमिसाल है बसंती के संघर्ष का जज्बा नशे में डूबा रहता है पति, ऊपर से चार बच्चों की परवरिश का बोझ. सुमित कुमार, रामगढ़. जनता टॉकिज भुरकुंडा के निकट रहने वाली बसंती देवी (पति नवल बहादुर) कड़े संघर्ष कर […]
