22 घंटे बाद झलक दिखा कर चली गयी बिजली

22 घंटे बाद झलक दिखा कर चली गयी बिजली बुरा हाल है बरकाकाना क्षेत्र में एक माह के भीतर छह बार कैं प एरिया में गिरा तारबरकाकाना. बरकाकाना क्षेत्र के लोग मंगलवार को फिर से अंधेरे में रात गुजारने को विवश रहे. 22 घंटे बाद बुधवार शाम चार बजे बिजली आयी और चंद मिनट के […]

22 घंटे बाद झलक दिखा कर चली गयी बिजली बुरा हाल है बरकाकाना क्षेत्र में एक माह के भीतर छह बार कैं प एरिया में गिरा तारबरकाकाना. बरकाकाना क्षेत्र के लोग मंगलवार को फिर से अंधेरे में रात गुजारने को विवश रहे. 22 घंटे बाद बुधवार शाम चार बजे बिजली आयी और चंद मिनट के अंदर ही झलक दिखा कर चली गयी. यह सिलसिला लगातार जारी रहा. बिजली विभाग ने मिलिट्री कैंप एरिया में जर्जर तार टूटने की बात बतायी. बताया गया कि सुरक्षा कारणों से सूर्यास्त के बाद कैंप के अंदर बाहरी लोगों का प्रवेश निषेध रहता है. इसके कारण रात भर बिजली गुल रहती है. स्थानीय लोगों की माने तो बिजली विभाग पिछले 30 वर्षों से यही रोना रो रहा है. रामगढ़ जिले में सीसीएल केंद्रीय कर्मशाला अकेले लगभग 45 लाख रुपये बिजली मद में प्रत्येक माह भुगतान करता है. बावजूद इसके कर्मशाला अपने उत्पादन कार्यों समेत पानी सप्लाई के नाम पर जेनरेटर में लगभग 15 लाख रुपये का डीजल फूंक देती है. कर्मशाला कर्मियों द्वारा लगातार इस मुद्दे पर आंदोलन किया जाता रहा है. बिजली के कारण बच्चों की पढ़ाई व व्यवसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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