लीड) उरीमारी-भुरकुंडा मार्ग जर्जर, लोग परेशान

लीड) उरीमारी-भुरकुंडा मार्ग जर्जर, लोग परेशान -बेहद खस्ता हाल है सड़क, हिचकोले भरती है गाडि़यां -अधर में है भुरकुंडा-उरीमारी सड़क निर्माण – मुख्यालय में धूल चाट रही है फाइल सड़क की लंबाई 8.5 किमी है सीसीएल एरिया ने मुख्यालय को 18 करोड़ का प्रपोजल भेजा 6बीएचयू 21 में जर्जर सड़क पर जाता डंपर, 22 में […]

लीड) उरीमारी-भुरकुंडा मार्ग जर्जर, लोग परेशान -बेहद खस्ता हाल है सड़क, हिचकोले भरती है गाडि़यां -अधर में है भुरकुंडा-उरीमारी सड़क निर्माण – मुख्यालय में धूल चाट रही है फाइल सड़क की लंबाई 8.5 किमी है सीसीएल एरिया ने मुख्यालय को 18 करोड़ का प्रपोजल भेजा 6बीएचयू 21 में जर्जर सड़क पर जाता डंपर, 22 में धूल उड़ाता हाइवा उरीमारी. सावधान! यदि आप भुरकुंडा से उरीमारी भाया सौंदा जा रहे हैं, तो अपना दिल मजबूत कर लें. इस मार्ग पर पड़ने वाली दर्जनों गड्ढों में आपकी गाड़ी ऐसे हिचकोले खायेगी, मानो वो कभी भी पलट जाये. यह सड़क बरका-सयाल क्षेत्र की लाइफ लाइन है. इसे पूर्व में सीएमएटी कंपनी ने करोड़ों की लागत से बनाया था. गुणवत्ता नहीं होने के कारण सड़क कुछ ही महीनों में खस्ताहाल होने लगी. इस सड़क का निर्माण उरीमारी के पोटंगा से गिद्दी वाशरी तक वर्ष 2003-04 में हुई थी. यह दो अलग पार्ट सौंदा बस्ती से पोड़ा गेट व सौंदा (डी) से सीसीएल सौंदा मोड़ तक मिलाकर बननी थी. सड़क का निर्माण कार्य कई स्थानों पर अधूरा भी रह गया. कंपनी द्वारा वित्तीय घाटा का हवाला देकर काम को बीच में ही छोड़ दिया गया. बताया गया कि कंपनी को कार्य का भुगतान लेने में परेशानी भी हुई. बाद में प्रबंधन द्वारा सड़क के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए स्थानीय ठेकेदारों को कार्य दिया गया था. लेकिन सड़क पर सीबीआइ की जांच बैठ गयी. मुख्यालय में धूल चाट रही है सड़क निर्माण की फाइल सड़क के पुन: निर्माण से संबंधित प्रपोजल बीते कई माह से सीसीएल मुख्यालय रांची में स्वीकृति के लिए पड़ा-पड़ा धूल खा रहा है. इसके कारण उरीमारी-भरकुंडा भाया सयाल सड़क का निर्माण अधर में है. यह सड़क उरीमारी चेकपोस्ट से पीओ ऑफिस भुरकुंडा होते हुए गिद्दी पुल तक 8.5 किमी बननी है. इस पर करीब 18 करोड़ खर्च आयेगी. नौ मीटर चौड़ी बनने वाली यह सड़क पूरी तरह कंक्रीट होगी. इसके दोनों ओर नाली का निर्माण भी किया जाना है. पांच पुलिया के निर्माण के साथ इसका सौंदर्यीकरण भी करना है. फिलवक्त सड़क बेहद खस्ता हाल है. सड़क पर भुरकुंडा से लेकर उरीमारी तक 200 से अधिक गड्ढे हैं. प्रक्षेत्र का अधिकांश कोयले का ढुलाई डंपरों से इसी मुख्य मार्ग से किया जाता है. सड़क को कहीं से भी पक्का नहीं कहा जा सकता है. गांव की सड़क भी इस सड़क से काफी बेहतर स्थिति में है. इस सड़क का उपयोग स्थानीय लोग भुरकुंडा, रामगढ़, हजारीबाग, बड़कागांव, टंडवा, चतरा, रांची आदि जगहों पर जाने के लिए करते हैं.सड़क बनाने को लेकर गंभीर है एरिया प्रबंधनइस सड़क निर्माण को लेकर प्रबंधन काफी गंभीर है. मुख्यालय से फाइल आगे नहीं बढ़ने की सूरत में फिलहाल प्रबंधन ने इसकी रिपेयरिंग करने का टेंडर निकाला है. इसका काम भी शुरू हो गया है. फौरी तौर पर इससे लोगों को राहत मिलेगी.

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