फ्लैग-बीसीेकेयू के बैनर तले ठेका चालकों ने जीएम कार्यालय में दिया धरना हेडिंग-हाई पावर कमेटी की अनुशंसा को लागू करें प्रबंधन 6बीएचयू – 12 में धरना को संबोधित करते मिथिलेश सिंहउरीमारी. बिहार कोलयरी कामगार यूनियन के बैनर तले ठेका चालकों के छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को सयाल स्थित जीएम कार्यालय पर एक दिवसीय धरना -प्रदर्शन किया गया. इसकी अध्यक्षता यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने की. मौके पर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि सीसीएल प्रबंधन अपने यहां ठेका पर चलने वाले वाहनों के चालकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार वेतन व सुविधाएं देने का काम करे. श्री सिंह ने कहा कि ठेका वाहन चालक अपना घर परिवार छोड़ कर पूरा समय अधिकारियों की सेवा में लगा देते हैं. लेकिन इनके मौलिक अधिकार को दिलाने को लेकर प्रबंधन कहीं से गंभीर नहीं दिखता है. उन्होंने कहा कि बीसीकेयू इन ठेका चालकों के अधिकार को लेकर पूरी तरह से गंभीर है. उन्हें हक दिलवाने को लेकर हम आंदोलन करने को तैयार हैं. सभा को सचिव अर्जुन सिंह, निरंजन पटेल, महेंद्र सिंह, चालक संघ के अध्यक्ष जय प्रकाश पोद्दार, सचिव सुरेंद्र भगत, सदिक अंसारी, दशरथ ने भी संबोधित किया. मौके पर अखिलेश्वर सिंह, अरुण सिंह, बृजनंदन पासवान, संतोष कुमार, मुकेश बेसरा, सुमित करमाली, किशोर पासवान, संतोष, बसंत नायक, गोपाल करमाली, वकिल खान, विकास कुमार, विशाल कुमार, विजय पासवान, शेखर मुंडा, गणेश मुंडा, दीन दयाल राय, राजकुमार, किशन कुमार आदि उपस्थित थेक्या हैं मांगेंमांग पत्र में चालकों से आठ घंटे काम लेने, हाईपावर कमेटी के अनुसार वेतन देने, सभी को परिचय पत्र निर्गत करने, फार्म बी रजिस्टर में हाजिरी बनाने की सुविधा, चालकों को सेफ्टी के तहत जूता, टोपी देने, दुर्घटना होने पर कोल इंडिया द्वारा पांच लाख की राशि चालकों के परिवार को देने समेत भुरकुंडा से उरीामरी तक जर्जर सड़क को तत्काल बनाने की मांग की गयी है.
फ्लैग-बीसीेकेयू के बैनर तले ठेका चालकों ने जीएम कार्यालय में दिया धरना
फ्लैग-बीसीेकेयू के बैनर तले ठेका चालकों ने जीएम कार्यालय में दिया धरना हेडिंग-हाई पावर कमेटी की अनुशंसा को लागू करें प्रबंधन 6बीएचयू – 12 में धरना को संबोधित करते मिथिलेश सिंहउरीमारी. बिहार कोलयरी कामगार यूनियन के बैनर तले ठेका चालकों के छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को सयाल स्थित जीएम कार्यालय पर एक दिवसीय […]
