चोरधरा पंचायत में पेयजल की समस्या

चोरधरा पंचायत में पेयजल की समस्या फैक्ट शीट पतरातू प्रखंड की चोरधरा पंचायत जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नहीं बना विववाह भवन 11 में से नौ वार्ड आता है सीसीएल क्षेत्र में पंचायत में नहीं है उपस्वास्थ्य केंद्र, एनओसी नहीं मिलने के कारण कई विकास कार्य नहीं हुए फोटो 6बीएचयू1-पानी के लिए लाइन में […]

चोरधरा पंचायत में पेयजल की समस्या फैक्ट शीट पतरातू प्रखंड की चोरधरा पंचायत जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण नहीं बना विववाह भवन 11 में से नौ वार्ड आता है सीसीएल क्षेत्र में पंचायत में नहीं है उपस्वास्थ्य केंद्र, एनओसी नहीं मिलने के कारण कई विकास कार्य नहीं हुए फोटो 6बीएचयू1-पानी के लिए लाइन में खड़े हैं ढुढ़वा बस्ती के लोग 6बीएचयू2-समस्याअों की जानकारी देते पंचायत के लोग 6बीएचयू3-मुखिया भुरकुंडा.पतरातू प्रखंड की चोरधरा पंचायत में अधिकांश व्यवसाय करनेवाले लोग रहते हैं. पंचायत में कुल 11 वार्ड है. इसमें नौ वार्ड सीसीएल के अंतर्गत आता है. पंचायत में मतदाताओं की संख्या 2200 है. इसमें 1600 मतदाताओं ने अपने मतदान का प्रयोग पंचायत चुनाव में किया था. युवा मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है. पंचायत में पानी की समस्या पिछले कई वर्षों से है. प्रबंधन द्वारा सीसीएल क्वार्टर में जो पेयजल आपूर्ति की जाती है, वह काफी दूषित रहता है. पंचायत के ढुढ़वा बिरसा नगर के लोग पेयजल के लिए दूसरे जगह जाने को मजबूर हैं. पंचायत की लपंगा कॉलोनी में अधिकतर सीसीएलकर्मी करते हैं. लंपगा कॉलोनी में सीसीएल प्रबंधन द्वारा वर्षों पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब यह जर्जर हो चुकी है. पंचायत के दो वार्ड ग्रामीण क्षेत्र में हैं. यहां पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं है. मुखिया फंड से पंचायत में 15 लाख की लागत से विकास कार्य कराये गये हैं. तीन लाख पांच हजार की लागत से पीसीसी पथ, पांच लाख रुपये की लागत से नौ चापानल, दो लाख रुपये की लागत से दो चौपाल, एक लाख 60 हजार की लागत से नाली का निर्माण, 50 हजार की लागत से दो कुएं की मरम्मत व सरकारी विद्यालयों में दो लाख की लागत से बेंच-डेस्क दिये गये हैं. पंचायत के तुरी टोला के लोग फैक्टरी से निकले वाले धुएं से परेशान हैं. लोगों का कहना है कि फैक्टरी से निकलनेवाले प्रदूषण से फसल पर असर पड़ता है. पंचायत के 11 लोगों को इंदिरा आवास मिला है. आइएजी मोड़ के समीप भू-धंसान होने के कारण सड़क धंस चुकी है. इसके कारण पंचायत की लपंगा कॉलोनी, चोरधरा व रंका बस्ती के लोगों को भुरकुंडा जाने के लिए दूसरे सड़क का प्रयोग करना पड़ता है. जमीन के अभाव में नहीं बन सका विवाह भवन चोरधरा पंचायत में जिला परिषद द्वारा 25 लाख की लागत से विवाह भवन बनाने का प्रस्ताव 2013-14 में आया था, लेकिन जमीन के अभाव में विवाह भवन नहीं बना. पंचायत के लोग कहते हैं कि विवाह भवन नहीं बनने के कारण हमलोग काफी दुखी हैं. अगर पंचायत में विवाह भवन बनता, तो गरीबों को इसका लाभ मिलता. दूसरी ओर उपस्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण पंचायत के लोग दूसरे क्षेत्रों में अपनी स्वास्थ्य की जांच कराते हैं. पूरा अधिकार नहीं मिल पाया : मुखिया चोरधरा पंचायत के मुखिया राजेंद्र सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव के बाद विजयी उम्मीदवारों को पंचायत से संबंधित जो अधिकार मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला. हमने सरकारी फंड का उपयोग विकास कार्यों में किया है. पंचायत में पेयजल की समस्या है. प्रबंधन व विभाग को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई पहल नहीं हुई. पेयजल है पंचायत की सबसे बड़ी समस्या पंचायत के लोगों ने कहा कि पंचायत में सबसे बड़ी समस्या पेयजल है. पेयजल के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है. खास कर ग्रामीण क्षेत्र के लोग कुएं व चापानल के भरोसे हैं. पंचायत में विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गयी है. पंचायत के अशोक कुमार, रौशन करमाली व सुनीता देवी ने कहा कि पंचायत के मुख्य मुद्दे पर पंचायत प्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं. सोनी देवी, सोनाराम मांझी व भोला मांझी ने कहा कि पंचायत में जो विकास कार्य होना चाहिए था, वह नहीं हुआ है. महावीर उरांव, रोहित मांझी, करमा व सुखदेव ने कहा कि पंचायत के प्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए गंभीर नहीं रहते हैं. आनेवाले पंचायत चुनाव में जनता इसका जवाब देगी.

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