दुलमी : रजरप्पा थाना क्षेत्र के पोटमदगा गांव में बंधक बनाये गये मिकेंद्र महतो व देवेंद्र महतो को 48 घंटे के बाद छोड़ दिया गया. बताया जाता है कि मिकेंद्र द्वारा दहेज के रूप में लिए गये एक लाख 20 हजार रुपये वापस करने के बाद दोनों को छोड़ा गया.
मिकेंद्र महतो के परिजनों ने बंधक बनाने की शिकायत रजरप्पा थाना में 22 मार्च को की थी. इसके बाद पुलिस ने गांव पहुंच कर दोनों को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अड़े रहे. इसके कारण पुलिस के साथ नोक -झोंक हुई. तत्पश्चात पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसमें सुभाष महतो, नंदु महतो व कमल देवी को मामूली चोट आयी है. इसके बावजूद ग्रामीणों ने दोनों को बंधक बना कर रात भर रखा. दूसरे दिन शनिवार को दोनों को छोड़ा गया.
जानकारी के अनुसार, पोटमदगा गांव की एक युवती की शादी लारी निवासी मिकेंद्र महतो के साथ तय हुई थी. इसमें मिकेंद्र के फुफा देवेंद्र महतो ने अगुआ बन कर एक लाख 20 हजार रुपये दहेज के रूप में लिया था. युवती के घरवालों को पता चला कि युवक पूर्व से ही शादीशुदा है. इसके बाद युवती के परिजनों ने मिकेंद्र व देवेंद्र को बुला कर राशि लौटाने की मांग को लेकर बंधक बना लिया.
