बच्चों के ऊपर जबरन अपनी राय न थोपें : अजयदीप बाधवा

भुरकुंडा : श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा में सोमवार को स्मार्ट पैरेंटिंग विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि मोटिवेटर अजयदीप बाधवा, स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया, प्राचार्य उपेंद्र राय ने किया. कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों को स्मार्ट पैरेंटिंग के लिए आवश्यक बातों की जानकारी दी गयी.... मोटिवेटर अजयदीप बाधवा ने कहा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 12, 2019 2:01 AM

भुरकुंडा : श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा में सोमवार को स्मार्ट पैरेंटिंग विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि मोटिवेटर अजयदीप बाधवा, स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया, प्राचार्य उपेंद्र राय ने किया. कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों को स्मार्ट पैरेंटिंग के लिए आवश्यक बातों की जानकारी दी गयी.

मोटिवेटर अजयदीप बाधवा ने कहा कि अभिभावक बच्चों पर पढ़ाई का दबाव न डालें, बल्कि उनकी परेशानी को समझकर उसका समाधान करें. बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहें, ताकि बच्चे के मन में कभी भी कोई अनैतिक कदम उठाने का विचार घर न कर सके.

कहा कि बच्चों में हमेशा सकारात्मक सोच उत्पन्न करने का प्रयास करना चाहिये. इसके लिए उनके साथ बेहतर तालमेल बनायें. श्री बाधवा ने कहा कि बच्चों को अपने करियर की उड़ान उनकी इच्छानुसार भरने दें. उनपर अपनी राय न थोपें, बल्कि उन्हें सिर्फ सही ढंग से गाइड करें. श्री बाधवा ने कहा कि अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से करने से बचें. ऐसा करने से बच्चे का मोरल डाउन होता है. आजकल पेरेंटिंग भी एक चैलेंज है.
आज के बच्चे स्मार्ट होते हैं. यदि उन्हें समझदारी से हैंडल न किया गया, तो उनके दिलो-दिमाग पर खराब असर पड़ सकता है. निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि बच्चों में जीवन जीने के सलीके में बहुत बदलाव आ चुका है. वह अपने अंदाज में अपना जीवन व्यतीत करना चाहते है. इसमें किसी का हस्तक्षेप उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आता है. बच्चों का यह अंदाज उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से भी विमुख बना रहा है, जो चिंता का विषय है.
ऐसी स्थिति में अभिभावक का सही मार्गदर्शन व व्यवहार उनकी जीवन शैली को प्रभावित कर उन्हें उनके दायित्वों का बोध करा सकता है. प्राचार्य उपेंद्र राय ने कहा कि बच्चा जब भी कोई अच्छा काम करे या उसे छोटी सी भी उपलब्धि मिले, तो उसकी प्रशंसा करना न भूलें. उसे शाबाशी दें. पैरेंट्स की प्रशंसा बच्चों के अंदर नया आत्मविश्वास जगाती है. कार्यक्रम का संचालन यशोदा कुमारी ने किया.
इस अवसर पर भारदुल चौधरी, शिवा बेदिया, हरिलाल, विक्रम करमाली, सोमा देवी, राधा देवी, हर्षिता मिश्रा, सुमित बेदिया, रेखा अग्रवाल, सुकलाल मांझी, विमला कुमारी, महेंद्र कुमार, रंजू कुमारी, रीता देवी, सुनीता देवी, सूरज प्रसाद, दिनेश बेदिया, सीमा देवी, मरियम केरकेट्टा, बहादुर उरांव, गायत्री देवी, सैफुल्लाह अंसारी, शहनाज खातून, संतोष बेदिया, अशोक बाउरी, शीला देवी, सुमित, करण कुमार, साधना देवी, रवि अग्रवाल समेत सैकड़ों अभिभावक उपस्थित थे.