जामताड़ से निकेश कुमार की रिपोर्ट
जामताड़ा: नारायणपुर अंचल के पंदनी से नारोडीह तक ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्मित सड़क में कथित तौर पर करीब एक एकड़ गोचर भूमि के अतिक्रमण का मामला अब प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंच गया है. शुक्रवार को नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे DC आलोक कुमार दुबे से जब मीडिया ने इस मामले को लेकर सवाल किया तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में गोचर भूमि का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा.
डीसी ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से गोचर भूमि के अतिक्रमण का मामला संज्ञान में आया है. सड़क निर्माण हो या अन्य किसी प्रकार का निर्माण कार्य, गोचर भूमि का अतिक्रमण गैरकानूनी है. उन्होंने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है. कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा.
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय
गोचर भूमि पर सड़क निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है. प्रभात खबर ने गुरुवार एवं शुक्रवार के अंक में इस गंभीर मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने नारायणपुर अंचलाधिकारी को मामले की जांच का निर्देश दिया था. अब उपायुक्त ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ को शीघ्र जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
2024 में शुरू हुआ था सड़क निर्माण
बताया जाता है कि पंदनी से नारोडीह तक ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था और निर्माण कार्य का भुगतान भी पूरा हो चुका है. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान करीब एक एकड़ गोचर भूमि को सड़क की जद में ले लिया गया. इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं.
मामले में विभागीय स्तर पर भी जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं.विभाग के कनीय अभियंता अंकित कुमार की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा है, हालांकि पूरे मामले की वास्तविकता जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी.
अब निगाह प्रशासन की जांच पर टिकी है. गोचर भूमि जैसी सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कथित अतिक्रमण की जांच में कमेटी की रिपोर्ट यह तय करेगी कि सड़क निर्माण के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं और यदि हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं.
