Tourist Places In Jharkhand : अब जंगल सफारी से पलामू टाइगर रिजर्व के बीहड़ों का कर सकेंगे दीदार, ये है तैयारी

नक्सली गतिविधि सहित जंगली जानवरों के खतरों के कारण सैलानी वहां नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब सामान्य माहौल को देखते हुए पीटीआर प्रबंधन के द्वारा घने जंगलों के बीच स्थित पर्यटन स्थलों को भ्रमण करने के लिए एंट्री दी जायेगी, ताकि घने जंगलों के बीच सैलानी जंगल सफारी का आनंद ले सकें.

Jharkhand News, पलामू न्यूज (संतोष कुमार) : देश-विदेश के बीहड़ों में घूमने के शौकीन लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के बीहड़ों का सैलानी दीदार कर सकेंगे. ये पीटीआर के ऐसे इंटीरियर इलाके हैं जहां के मनोरम दृश्यों को देखने के लिए पर्यटक वर्षों से तरसते रहे हैं. अब पीटीआर प्रबंधन के द्वारा न केवल इसके लिए सैलानियों की सुविधा को लेकर जंगल सफारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा, बल्कि ठहरने, खाने और सुरक्षा का भी इंतजाम कराया जाएगा. पहले इन इलाकों में घूमने पर प्रतिबंध लगाया गया था.

नक्सली गतिविधि सहित जंगली जानवरों के खतरों के कारण सैलानी वहां नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब सामान्य माहौल को देखते हुए पीटीआर प्रबंधन के द्वारा घने जंगलों के बीच स्थित पर्यटन स्थलों को भ्रमण करने के लिए एंट्री दी जायेगी, ताकि घने जंगलों के बीच सैलानी जंगल सफारी का आनंद ले सकें. जंगल में रहकर रात बिता सकें. हजारों प्रकार की वनस्पतियों से युक्त घने वनों से आच्छादित, सैकड़ों प्रकार के वन्यजीवों से भरा यह समृद्ध इलाका प्रकृति की अनुपम देन है. बात चाहे ऊंची- ऊंची पहाड़ियों की हो, घास के मैदानों की हो, छोटे-बड़े जलाशयों की हो, कल-कल बहती नदियों व नालों की हो, पहाड़ियों से गिरते हुए झरनों या जलप्रपातों की हो या फिर वन्यजीवों की हो. सब कुछ पलामू टाइगर रिजर्व के इन इलाकों में समाहित है.

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कई इलाके तो ऊंची पहाड़ियों व घने जंगलों से इस प्रकार घिरे हैं कि वहां सूर्य की किरणें भी कुछ घंटे तक ही दिखाई पड़ती हैं. इसके अंतर्गत दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों ऐसे कई खूबसूरत जगह हैं, जो पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं. बीहड़ों के बीच विविध प्रकार की वनस्पतियों की भीनी-भीनी खुशबू के बीच जंगली जानवरों की आवाज से रोंगटें खड़े हो जाते हैं. कोई इलाका बाघों के लिए, तो कोई इलाका हाथियों के लिए, कोई तेंदुआ के लिए जाना जाता है. कई जगहों पर तो वन विभाग के द्वारा पर्यटकों के जाने पर खतरे को देखते हुए रोक लगा दी जाती थी. वैसे ही पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए भ्रमण कराने की तैयारी की गयी है.

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पलामू टाइगर रिजर्व के केचकी संगम, बेतला नेशनल पार्क, पलामू किला, गारू के कोयल व्यू व मिरचइया फॉल, बारेसाढ़ का सुग्गा बांध अथवा महुआडांड़ का लोध फॉल या नेतरहाट ख्याति प्राप्त कर चुके हैं. अब पीटीआर में अंग्रेजों के समय बसाया गया खूबसूरत इलाका बागेचंपा, मारोमार के पास का हुलुक पहाड़ व ट्रेनों ग्रास लैंड, नेतरहाट की तलहटी में बसे रूद, अक्सी सहित अन्य पर्यटन स्थलों को पहचान दिलाया जाएगा. इन पर्यटन स्थलों की खूबसूरती देखते ही बनती है.

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पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने बताया कि पीटीआर का इलाका पर्यटन के लिए लिहाज से अनुपम और बेजोड़ है. लंबे अरसे से सैलानियों के द्वारा पीटीआर के घने जंगलों में बसे खूबसूरत स्थलों को देखने की मांग की जा रही थी. इसे देखते हुए प्रबंधन के द्वारा वैसे स्थलों को भ्रमण कराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि पीटीआर के अनदेखे स्थलों का भ्रमण सैलानी कर सकें. सभी अड़चनों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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