मेदिनीनगर. कांग्रेस के पलामू लोकसभा प्रभारी सह कांके विधायक सुरेश बैठा ने केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे साजिश करार दिया है. मंगलवार को परिसदन सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार इस कानून के माध्यम से झारखंड की खनिज संपदा पर अपना अधिकार स्थापित करना चाहती है. सुरेश बैठा ने कहा कि अधिनियम लागू होने के बाद खनिज संपदा से जुड़े राजस्व के निर्धारण और संग्रह में राज्य सरकार के अधिकार सीमित हो जायेंगे.
राज्य के संवैधानिक अधिकारों का हनन
इससे राज्य के संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा और झारखंड को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि कानून के प्रभावी होने से झारखंड को हर वर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान हो सकता है. इसका सीधा असर राज्य में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा और गरीब जनता सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकती है.
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राज्य का करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया
उन्होंने केंद्र पर झारखंड के कथित बकाया राजस्व का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया. कहा कि राज्य का करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है, लेकिन केंद्र सरकार इस राशि के भुगतान को लेकर गंभीर नहीं है. कांग्रेस इस कानून और केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेगी. पार्टी जिलाध्यक्ष विमला कुमारी ने कहा कि यह अधिनियम झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य के हित में नहीं है.
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झारखंड से दूसरे राज्यों को भेजे जाते हैं खनिज
कांग्रेस आम लोगों को संगठित कर कानून वापस लेने की मांग करेगी. प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि झारखंड से बड़ी मात्रा में खनिज दूसरे राज्यों को भेजे जाते हैं और उससे मिलने वाली रॉयल्टी से राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाएं चलाती है. अधिनियम से राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. कांग्रेस इसके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करेगी.
