पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
JAC Inter Result: झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा से एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट विज्ञान परीक्षा में सना अफरीन ने 481 अंक प्राप्त कर राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल सतबरवा बल्कि पूरे पलामू जिले में खुशी और गर्व का माहौल है. हर तरफ उनकी सफलता की चर्चा हो रही है.
मेहनत और अनुशासन का शानदार परिणाम
सना अफरीन की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या का बड़ा योगदान है. उनकी माता जरीना खातून के अनुसार, सना बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही हैं और रोजाना 6 से 8 घंटे तक नियमित अध्ययन करती थीं. यही निरंतरता और समर्पण उन्हें इस मुकाम तक ले गया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया.
पहले भी रह चुकी हैं जिला टॉपर
सना अफरीन की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने वर्ष 2024 में मैट्रिक परीक्षा में भी पलामू जिले में टॉप किया था. लगातार बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि वह शुरू से ही मेधावी और मेहनती छात्रा रही हैं. इंटरमीडिएट में राज्य स्तर पर तीसरा स्थान हासिल करना उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है.
आईएएस बनकर देश सेवा का सपना
सना अफरीन का सपना अब और बड़ा हो गया है. उन्होंने बताया कि पहले उनका लक्ष्य शिक्षक बनने का था, लेकिन इंटरमीडिएट में स्टेट थर्ड टॉपर बनने के बाद अब वह यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं. उनका कहना है कि वह अपनी मेहनत के दम पर एक दिन देश की सेवा करेंगी और समाज के लिए कुछ बेहतर करेंगी.
परिवार और शिक्षकों का मिला सहयोग
सना अफरीन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है. उनकी माता जरीना खातून आंगनबाड़ी सेविका हैं, जबकि पिता मोहम्मद राजिउद्दीन इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाते हैं. उनके दादा मोहम्मद मोहिउद्दीन शिक्षक रह चुके हैं, जिससे परिवार में शिक्षा का माहौल हमेशा बना रहा.
क्या कहते हैं अध्यापक
विद्यालय के शिक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि सना एक अत्यंत मेहनती और अनुशासित छात्रा हैं. उन्होंने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहीं. शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उनकी सफलता को संभव बनाया.
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क्षेत्र में खुशी और प्रेरणा का माहौल
सना अफरीन की इस सफलता से सतबरवा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है. लोग उनकी उपलब्धि को प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिले, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. अब सभी को उम्मीद है कि सना आगे चलकर अपने सपनों को पूरा करेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी.
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