तेलियाडीह के ग्रामीणों ने प्रमुखता से उठायी सड़क, बिजली व पानी की समस्या

तेलियाडीह गांव, नामुदाग पंचायत, नौडीहा बाजार प्रखंड में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी है.

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम नौडीहा बाजार. तेलियाडीह गांव, नामुदाग पंचायत, नौडीहा बाजार प्रखंड में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी है. यहां के ग्रामीणों ने प्रभात खबर के आपके द्वार कार्यक्रम में अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. गांव की आबादी को बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बिजली की समस्या गांव में बिजली का खंभा, तार और ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, लेकिन पिछले एक वर्ष से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है. इसके कारण 50 से अधिक घर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से इसकी मरम्मत की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सड़क और आवागमन की परेशानी तेलियाडीह के बथान टोला में लगभग 100 घरों की आबादी है, लेकिन वहां तक जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है. बरसात के दौरान कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो उसे खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. करीब 20 वर्ष पहले ग्रेडवन सड़क बनायी गयी थी, जो अब बदहाल हो चुकी है. इसके अलावा, गांव के शमशान घाट तक कोई सड़क नहीं है, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव गांव के पीपरपांती क्षेत्र में उपस्वास्थ्य केंद्र का भवन बना हुआ है, लेकिन वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं रहता और केंद्र कभी नहीं खुलता. इसके कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है. इस केंद्र को सुचारू रूप से चालू करने की जरूरत है ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. जल संकट और जलमीनार की खराबी गांव में 15वें वित्त आयोग की राशि से सोलर जलमीनार लगायी गयी थी, जिससे कुछ समय तक पानी मिला. लेकिन अब यह खराब हो चुका है, और बोरिंग फेल हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. गर्मी के दिनों में पानी की कमी के कारण लोग परेशान रहते हैं. सिंचाई की समस्या : मदन साव मदन साव ने बताया कि गांव में सिंचाई के लिए एक आहर है, लेकिन उसका पीड़ क्षतिग्रस्त हो चुकी है. इस कारण बारिश का पानी बर्बाद हो जाता है. यदि आहर की मरम्मत हो जाये, तो करीब 70 एकड़ से अधिक भूमि सिंचित की जा सकती है. आवास योजना से वंचित लोग : सावित्री देवी सावित्री देवी का घर जर्जर अवस्था में है, लेकिन उसे पीएम आवास या अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिला. उसने कई बार आवेदन दिया, लेकिन अभी तक कोई स्वीकृति नहीं मिली.

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Author: VIKASH NATH

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