फर्जी जॉब कार्ड बना काम दिखाकर 26 हजार का भुगतान

मनरेगा में भ्रष्टाचार

तरहसी.

मनरेगा में आठवीं की छात्रा से अवैध तरीके से 104 दिनों तक मजदूरी कराकर 26,520 रुपये के भुगतान का मामला प्रकाश में आया है. छात्रा से टीसीबी, प्रधानमंत्री आवास, सिंचाई कूप निर्माण में मजदूरी करायी गयी है. मामले की जानकारी तब हुई, जब बुधनी देवी के खेत में टीसीबी का निर्माण कार्य चल रहा था. उसमें उर्मिला कुमारी के जॉब कार्ड से 3,060 रुपये मजदूरी राशि खाते में भेजी गयी है. इसके बाद उस पैसे की मांग संबंधित ठेकेदार द्वारा की गयी, तब जानकारी मिली कि उर्मिला के नाम से जॉब कार्ड बना दिया गया है. छात्रा उदयपुरा टू के झुमरी गांव के जगधारी यादव की पुत्री है. उससे छह फरवरी 2023 से फरवरी 2024 तक मनरेगा में मजदूरी कार्य दिखाया गया है. जिस समय छात्रा का मनरेगा जॉब कार्ड बनाया गया, उस वक्त वह 15 वर्ष की थी और आठवीं में पढ़ाई कर रही थी. फिलवक्त वह नौवीं की छात्रा है. करीब एक वर्ष से अधिक समय तक उसे अलग-अलग योजनाओं में मजदूरी करते हुए दिखाया गया है. उसके बाद अवैध तरीके से उसके नाम पर अवैध भुगतान किया गया है. छात्रा उर्मिला के नाम से झुमरी गांव में बुधनी देवी, रंजन यादव, बिंदा यादव के खेत में टीसीबी निर्माण व महेंद्र यादव के सिंचाई कूप निर्माण में मजदूरी का भुगतान किया गया है. लेकिन छात्रा के परिवार को इसकी जानकारी भी नहीं है. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी वरुण कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी. मालूम हो कि गोइंदी पंचायत क्षेत्र में पहले भी जेल में बंदी एवं मृत व्यक्ति के नाम पर अवैध तरीके से भुगतान का मामला आ चुका है. इस मामले में मुखिया, रोजगार सेवक, पंचायत सचिव के खिलाफ तत्कालीन बीडीओ सच्चिदानंद महतो द्वारा एफआइआर कराया गया था.

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By Prabhat Khabar News Desk

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