पलामू से चंद्रशेखर की रिपोर्ट
Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में अप्रैल माह में गर्मी तेज हो गई है. अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस था, जो बढ़कर 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है.
तेज धूप का असर
स्थिति यह है कि सुबह नौ बजे के बाद धूप तेज हो जाती है. दोपहर में गर्म हवा चलने लगती है, जिससे लोग काफी परेशान हैं. जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में धूप और लू समान रूप से महसूस की जा रही है. बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है.
जून में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की संभावना
मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही तापमान में वृद्धि शुरू हो गई थी. 14 मार्च को तापमान 39.4 और 30 मार्च को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल, मई और जून में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ सकती है. इसके कारण लोगों को जल संकट का भी सामना करना पड़ सकता है.
अस्पतालों में भीड़ बढ़ी
मौसम में बदलाव के कारण लोग बीमार भी पड़ रहे हैं. इसका अधिक असर बच्चों पर देखा जा रहा है. अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है. बुखार, सर्दी और खांसी से लोग अधिक पीड़ित हो रहे हैं.
पानी की परेशनी की आहट
तेज गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों की छोटी नदियां सूख गई हैं. पलामू की लाइफ लाइन कही जाने वाली कोयल नदी भी सूखने के कगार पर है, जिससे जल संकट की स्थिति बनने लगी है. यही स्थिति रही तो आने वाले समय में शहरी क्षेत्र में जल संकट गहरा जाएगा और लोगों को पानी की जुगाड़ में भटकना पड़ेगा.
लोगों की बढ़ी दिक्कत
तेज धूप और गर्म हवा से बचने के लिए लोग तौलिया और गमछा से चेहरा ढककर चलने को मजबूर हैं. तेज धूप और गर्म हवा चलने से स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
धूप और गर्म हवा से बचना जरूरी: सिविल सर्जन
पलामू जिले में तेजी से बढ़ रहे तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को अलर्ट किया है. सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मौसम की जो स्थिति है, उसमें धूप में घर से बाहर निकलने में परहेज करना चाहिए. अगर धूप में निकलना जरूरी है तो सूती कपड़े से शरीर को पूरा ढक लें और तौलिया या गमछा से सिर को ढक लेना चाहिए. हल्का भोजन करें, पानी का सेवन करना चाहिए.
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