पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: झारखंड के पलामू में गुरुवार को भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ चैती नवरात्र का शुभारंभ धूमधाम से हुआ. इस पावन अवसर पर पूरे जिले में धार्मिक उत्साह देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर नए साल की शुरुआत की और सुख-समृद्धि की कामना की.
मंदिरों में पूजा-अर्चना
सुबह से ही जिले के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना करते नजर आए. भक्तों ने माता रानी की आराधना के साथ भगवान भास्कर की पूजा भी की. मंदिरों में घंटियों और भजन-कीर्तन की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.
विभिन्न संगठनों ने मनाया उत्सव
इस अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए. रंगोली सजाई गई और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने भारत माता और भगवान भास्कर की आरती उतारी और एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. इन आयोजनों ने सामूहिक उत्सव का माहौल बना दिया.
गांधी मैदान में विशेष आयोजन
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और योग समिति पलामू द्वारा शहर के गांधी मैदान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती कर नववर्ष का स्वागत किया. आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया और लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
छह मुहान में रंगोली और भजन से सजी शाम
राष्ट्रीय सेवा मंच द्वारा छह मुहान के पास भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा उत्सव का आयोजन किया गया. यहां सुंदर रंगोली बनाई गई और भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की छात्राओं और स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य की आरती उतारकर जीवन में सुख-शांति की कामना की.
श्रद्धा और परंपरा का संगम
इस दौरान जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. हर जगह लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाते नजर आए. कार्यक्रमों में अश्विनी मिश्रा, श्याम बिहारी शर्मा, अशोक सिंह, डॉ. सुमंत, अरुण कुमार, प्रदीप सिंह, अमिताभ मिश्रा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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संस्कृति से जुड़ने का संदेश
चैती नवरात्र और नववर्ष के इस आयोजन ने लोगों को अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का संदेश दिया. यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है.
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