पलामू से रमेश रंजन की रिपोर्ट
Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के पांच पंचायत के 29 गांव में करोड़ों की लागत से शुरू की गई भारत सरकार का महत्वाकांक्षी योजना नल-जल योजना पूरी तरह फेल नजर आ रही है. छह साल बीत जाने के बाद भी शुद्ध पेयजल लोगों को नही मिल पाया. जिसके कारण पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है.
नल-जल योजना में, लोगों को नहीं मिल रहा पानी
सतबरवा के पांच पंचायत के करीब 30 हजार आबादी को एक बूंद पानी भी नहीं मिल पाया है. कई गांव मेंं एक चापानल या कुंआ ग्रामीणों का प्यास बुझाने का सहारा बना हुआ है. पेयजल की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है. विभाग के द्वारा वर्ष 2019-20 में 29 करोड़ की लागत से योजना की शुरुआत की गई थी. पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके. इसके लिए 29 गांवों में पाइप लाइन भी बिछाया गया, लेकिन आज भी कई घरों में नल तक नहीं लगाया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. इस योजना के माध्यम से जलापूर्ति के लिए रबदा के फुलवरिया गांव स्थित औरंगा नदी से रबदा पंचायत के आठ गांव तथा पोंची पंचायत के 10 गांव और मलय डैम में कुआं बनाया गया है. साथ ही कई जल मीनार भी बनाया गया है जिसके तहत बकोरिया पंचायत के चार गांव, दुलसुलमा पंचायत के छह गांव तथा सतबरवा पंचायत के अलग-अलग टोले मोहल्ले में पानी पहुंचाने की योजना थी. मगर अभी भी धरातल पर नहीं उतर पाया है. पिछले वर्ष पेयजल की सप्लाई को लेकर ट्रायल भी किया गया था. लेकिन कई गांव में आज तक नल जल का पानी एक बूंद पानी भी नहीं पहुंच सका है.
ग्रामीणों का कहना
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी का तापमान बढ़ रहा है. घनी आबादी वाला सतबरवा में जल का स्तर नीचे गिरते जा रहा है. गर्मी के दिनों में खासकर अंबेडकर नगर तथा अंसार मोहल्ला समेत अन्य कई मोहल्ले के लोगों को पानी को लेकर काफी हद तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, पाइप लाइन बिछाने के दौरान सतबरवा के कई पीएससी सड़क को भी खराब कर दिया गया. जिसके कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है.
नल जल योजना पूरी तरह से फेल : गिरवर
प्रखंड के मुखिया संघ के अध्यक्ष सह पोंची पंचायत के मुखिया गिरवर प्रसाद राम ने बताया हर घर नल जल योजना पूरी तरह से फेल नजर आ रही है. जब योजना की शुरुआत हुई थी तब खासकर ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी थी. मगर अब लोग ना उम्मीद होने लगे हैं. इस पर सरकार और विभाग को पहल करनी चाहिए.
लापरवाही के कारण पेयजल की समस्या
प्रखंड के कई ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण आमलोगों को पेयजल की समस्या से जुझना पड़ रहा है. हर घर नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. दूर दराज से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है. रबदा पंचायत के पूर्व पंसस अरविंद सिंह ने कहा कि जंगली क्षेत्र होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से जुझना पड़ रहा है. मुक्ता गांव के मोहम्मद रब्बानी अंसारी ने बताया नल तो लगाया गया, लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं आया है. हलुमांड गांव के योगेन्द्र भुइयां ने बताया कि महत्वाकांक्षी योजना होने के बावजूद लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है. पीने का पानी को लेकर काफी परेशानी हो रही है. होटल व्यवसायी सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रायल होने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
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