ग्रामीणों ने बीडीओ सह सीओ को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की, बूथ संख्या 19 व 20 के करीब 300 मतदाताओं के नाम हटाने का दावा
मोहम्मदगंज, पलामू : प्रखंड के विभिन्न बूथों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में शामिल 400 से अधिक लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज किये जाने का मामला सामने आया है. आपत्ति में संबंधित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग की गयी है. मामले को लेकर शनिवार को गोडाडीह, भाली, बटौआ, सबनवा, सोनबरसा, कररिया, केवलपुरा, रसूलपुर समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों ने बीडीओ सह सीओ रणवीर कुमार को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच कराने और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
ग्रामीणों के अनुसार, आपत्ति दर्ज कराने वालों में एक राजनीतिक दल के प्रखंड अध्यक्ष का नाम भी शामिल है. आरोप है कि उन्होंने विभिन्न बूथों पर जाकर नाम हटाने से संबंधित फॉर्म-7 भरकर SIR में लगे बीएलओ को जमा किया है.
बूथ 19 और 20 पर करीब 300 नामों को लेकर आपत्ति
ग्रामीणों का कहना है कि बूथ संख्या 19 और 20 के करीब 300 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग को लेकर फॉर्म-7 जमा किया गया है. इससे संबंधित मतदाताओं और ग्रामीणों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
ग्रामीणों का कहना है कि आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया में ऐसे पात्र मतदाताओं के नाम भी शामिल किये जाने की आशंका है, जो वास्तव में मतदाता सूची में बने रहने के योग्य हैं. इसे लेकर लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
गलत सूचना मिलने पर कार्रवाई का आग्रह
ग्रामीणों ने लिखित आवेदन में कहा है कि यदि नाम हटाने की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता, गलत सूचना अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाये. आवेदन पर लटपौरी मुखिया सहित अबरार खान, सलाम खान, इसराफिल खान समेत बटौआ के कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.
क्या कहा बीडीओ सह सीओ ने
बीडीओ सह सीओ रणवीर कुमार ने कहा कि मोहम्मदगंज प्रखंड के सात बूथों से SIR प्रक्रिया के तहत पात्र मतदाताओं के खिलाफ अब तक करीब 400 फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां प्राप्त हुई हैं. उन्होंने कहा कि इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. यह SIR प्रक्रिया का हिस्सा है.
उन्होंने बताया कि किसी मतदाता के मृत होने, दो स्थानों पर नाम दर्ज होने, स्थायी रूप से स्थानांतरित होने या संबंधित क्षेत्र में अनुपस्थित होने की स्थिति में फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज की जा सकती है. जांच में यदि आपत्ति सही पायी जाती है, तो नियमानुसार नाम हटाने का प्रावधान है.
सीओ ने कहा कि यदि आपत्ति दर्ज कराने के बाद दी गयी सूचना गलत पायी जाती है, तो आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी नियमानुसार दंडनीय कार्रवाई की जायेगी.
