100 वर्षों से लग रहे तरहसी बाजार में नहीं बना शेड, परेशानी

प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को साप्ताहिक बाजार लगता है.

तरहसी. प्रखंड मुख्यालय में गुरुवार को साप्ताहिक बाजार लगता है. पलामू जिले से तरहसी प्रखंड के अलावा पाटन, छतरपुर, सतबरवा, पांकी, मनातू, लेस्लीगंज व बिहार के सटे गया जिला के इमामगंज, कोठी, सलैया, एकहरा इलाके के लोग साप्ताहिक बाजार में पशु खरीदने के लिए पहुंचते हैं. इसके अलावा बाजार में फल, सब्जी, खाद्य सामग्री, खाद बीज सहित कृषि उपकरण, कपड़ा, सौंदर्य प्रसाधन, जूता, चप्पल, बर्तन लकड़ी एवं बॉस से निर्मित सामान जड़ी बूटी निर्मित दवा, लोहे से निर्मित औजार सहित पशु पक्षी का क्रय-विक्रय किया जाता है. बाजार में शेड नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. लेकिन सबसे अधिक परेशानी पशुओं को होती है. पशुओं को गर्मी के मौसम में तेज धूप में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक खुले आसमान में रखा जाता है. इस दौरान इन बेजुबान जानवरों को न तो पानी दिया जाता है और नहीं भोजन . बाजार में महोगनी और एक शीशम का पेड़ है, जिसके नीचे छाया बिल्कुल ही नहीं है .फिर भी एक साथ दर्जनों बैल -गाय बड़े-बड़े पशु उस पेड़ में बांध देते हैं. इस समय वैसे पशुओं की बिक्री ज्यादा है, जो उपयोग के लायक नहीं है या दुधारू पशु है. इस प्रचंड गर्मी के मौसम में सुबह से दोपहर तक बिना पानी भोजन के खुले आकाश में रखा जाता है. तरहसी बाजार में निविदा के तहत चौधराना की उगाही खरीद-बिक्री करने वाले लोगों से की जाती है. लोगों का कहना है कि सरकार को साप्ताहिक बाजार में पशुओं के लिए शेड निर्माण कराना चाहिए. ताकि पशुओं के साथ ही खरीद-बिक्री करनेवाले पशु व्यापारियों को भी सुविधा मिल सके.

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Published by: Satyaprakash pathak

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