मदर्स डे पर सजी निर्मला एकेडमी, बच्चों ने कलाकृतियों के जरिये मां के प्रति जताया प्रेम

Palamu News: पलामू के निर्मला एकेडमी में मदर्स डे पर बच्चों ने कलाकृतियों और कला प्रतियोगिताओं के जरिए मां के प्रति प्रेम व्यक्त किया. फोटो फ्रेमिंग, स्टैम्पिंग और रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों ने उत्साह से भाग लिया. विजेता बच्चों को पुरस्कार और मिठाइयां देकर सम्मानित किया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर बिरसानगर स्थित गुरहा में संचालित निर्मला एकेडमी में मदर्स डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मां के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और समर्पण को समर्पित इस समारोह में बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से मां के प्रति गहरा प्रेम व्यक्त किया. कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. रंग-बिरंगी सजावट और बच्चों की कलाकृतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया.

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वास्तिक सिंह, विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर एल्बिन, सिस्टर फ्रांसिस और सिस्टर अनीता की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया. इस अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया.

मां को बताया जीवन की सबसे बड़ी शक्ति

मुख्य अतिथि स्वास्तिक सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि इस संसार की सबसे बड़ी शक्ति और सुरक्षा कवच है. उन्होंने कहा कि मां ही बच्चे की पहली गुरु, पहली मार्गदर्शक और सबसे सच्ची मित्र होती है. उन्होंने कहा कि जब बच्चा बोलना भी नहीं सीखता, तब भी मां उसकी हर जरूरत और तकलीफ को समझ जाती है. मां अपने बच्चों के लिए अपने सुख, आराम और इच्छाओं का त्याग हंसते-हंसते कर देती है. उन्होंने आगे कहा कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा और सफल क्यों न हो जाए, मां का आंचल हमेशा सबसे सुरक्षित स्थान बना रहता है. मां का आशीर्वाद हर कठिनाई से लड़ने की ताकत देता है.

बच्चों ने कलाकृतियों के माध्यम से जताया प्यार

कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न कला गतिविधियों के जरिए अपनी मां के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया. शिक्षिका अंशमा और एंजेलिना के मार्गदर्शन में बच्चों ने कई रचनात्मक प्रस्तुतियां तैयार कीं. इस दौरान फोटो फ्रेमिंग, पेंसिल शेविंग आर्ट, बॉटल स्टैम्पिंग और ईयरबड स्टैम्पिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का परिचय देते हुए अपनी मां के लिए सुंदर उपहार और आकर्षक कलाकृतियां बनाईं. बच्चों की बनाई कलाकृतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया. अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रतिभा और उनके भावनात्मक जुड़ाव की सराहना की.

प्राचार्या ने मां को बताया अनमोल उपहार

प्राचार्या सिस्टर एल्बिन ने कहा कि मां इस संसार का सबसे अनमोल उपहार है. उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां उनकी मां के प्रति गहरे प्रेम और सम्मान को दर्शाती हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के भीतर रचनात्मकता विकसित करने के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक संबंधों को भी मजबूत करते हैं. प्राचार्या ने यह भी बताया कि विद्यालय आइसीआइसी बोर्ड के तहत संचालित है और यहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

विजेता बच्चों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि और विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी विजेता और प्रतिभागी बच्चों को आकर्षक पुरस्कार तथा मिठाइयां देकर प्रोत्साहित किया गया. पुरस्कृत बच्चों में आहिल, माही, अनस, अद्विक, अभि, अर्पिता, अंश और एलिजा शामिल रहे. पुरस्कार मिलने के बाद बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे.

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भावनात्मक माहौल में हुआ कार्यक्रम का समापन

पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में भावनात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा. बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों और मां के प्रति उनके स्नेह ने समारोह को खास बना दिया. अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों का आभार व्यक्त किया तथा इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित करने की बात कही.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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