एमएमसीएच परिसर में जीएनएम भवन बना नशेड़ियों का अड्डा

पैथर पुलिस ने दो हिरोइनची को पकड़ा

पैथर पुलिस ने दो हिरोइनची को पकड़ा

रामनरेश तिवारी, मेदिनीनगर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में वर्षों पूर्व बना जीएनएम भवन इन दिनों हिरोइनची का अड्डा बन गया है. जीएनएम भवन के पास ही ओपीडी संचालित होता है. बताया जाता है कि जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्राओ के लिए आवासीय भवन बना था. लेकिन उस भवन में न तो जीएनएम स्कूल संचालित हुआ और न ही छात्राएं रह रही है. पोस्टमार्टम हाउस के ठीक पहले वह भवन स्थित है, जो वीरान पड़ा हुआ है. कोविड काल में इस भवन का उपयोग मरीजों के इलाज के लिए किया गया था. कोविड काल समाप्त होने के बाद अब उस भवन का सुध लेने वाला कोई नहीं है. हिरोइनची उस भवन को अपना ठिकाना बनाये हुए है. दिन हो या रात वे लोग बेधड़क उस भवन में आते जाते है, रोकटोक करने वाला कोई नहीं है. हलांकि तीन मंजिला इस भवन के आधा दर्जन कमरे में कुछ लोग रहते है. उनलोगों ने भी साफ तौर पर कहा कि कौन आता जाता है इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है. क्योंकि पूर्व में पूछे जाने पर कुछ लोगों से बहस हुई थी. इसके बाद वे लोग अब इस मामले में पूछताछ नही करते है.

भवन के खाली हिस्से में दिन में भी लोग आते जाते है. देखरेख के अभाव में भवन की स्थिति बदहाल होती जा रही है. भवन के कई कमरे में लगा खिड़की दरवाजा गायब है. खाली पड़े सभी कमरे गंदगी का अंबार लगा है. कई जगहों पर शराब की बोतल, सिगरेट का टुकड़ा, सलाई फेंका देखा गया. बताया जाता है कि असामाजिक तत्वों द्वारा नशीला पदार्थ हिरोइन का इस्तेमाल कर गंदगी फैलाते है. लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस मामले में पूरी तरह उदासीन बना हुआ है. कोविंड काल में उपयोग किये गये सामान भी उस भवन में फेंका हुआ है. उस भवन के बगल में ही ओपीडी संचालित हो रहा है. फिर भी अस्पताल प्रशासन गंभीर नही है. मंगलवार को पैंथर पुलिस ने उस भवन से दो हिरोइनची को पकड़कर शहर थाना लायी है. जीएनएम भवन की इस बदहाली के मामले में पक्ष लेने के लिए एमएमसीएच के अधीक्षक से मोबाइल पर संपर्क किया गया. लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आरके रंजन ने बताया कि यह सच है कि जीएनएम के खाली भवन में असामाजिक तत्वों का अड्डा है. अस्पताल परिसर में शांति व सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए ही पुलिस चौकी स्थापित की गयी है. अस्पताल प्रबंधन ने कई बार उनलोगों को इस मामले से अवगत कराया है. लेकिन पुलिस के द्वारा इसे गंभीरता से नही लिया गया है. जिस कारण वहां का माहौल खराब होता जा रहा है. वरीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारी को स्थिति से अवगत कराया जायेगा. सभी कमरा में बेकार पड़ा हुआ है. जिसमें गंदगी का अंबार लगा हुआ है. कई कमरा का दरवाजा भी गायब है. बताया जाता है कि खाली पड़ा हुआ में कई असामाजिक तत्वों के पहुंचते हैं. उसमें रहने वाले लोगों से पूछने पर बताया कि पूरा खाली पड़ा हुआ है. कौन कब आता है और कब चला जाता है. उन लोग पूछ भी तो नहीं सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि उक्त जीएनएम वार्ड में करीब 50 से भी अधिक कमरा है. जिसमें कोबिड काल में कोबिड वार्ड बनाया गया था. जो अब खाली पड़ा हुआ है. सभी कमरा में गंदगी भरा हुआ है. कमरा का दरवाजा भी गायब हो गया है. खाली पड़ा कमरा असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है.

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By Akarsh aniket

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