बुढ़ा पहाड़ से केंद्रीय बल नहीं हटाने को लेकर वित्त मंत्री ने लिखा पत्र

बुढ़ा पहाड़ से केंद्रीय बल नहीं हटाने को लेकर वित्त मंत्री ने लिखा पत्र

मेदिनीनगर. राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बूढ़ा पहाड़ के आसपास के गांवों को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर विद्युत विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग व गृह विभाग को पत्र लिखा है. वित्त मंत्री ने विद्युत विभाग को लिखा है कि बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र घोर उग्रवाद प्रभावित गांव है. उग्रवाद के प्रभाव को नियंत्रित करने व प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूर्व में बूढ़ा पहाड़ का भ्रमण कर चुके हैं. प्रभावित क्षेत्र के गांव और टोलों के विकास के उद्देश्य से उन्होंने भी तीन अप्रैल को भ्रमण किया है. स्थानीय मुखिया बिंको टोप्पो ने बताया कि बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के अंतर्गत शरुवत, हेसातू व कुल्ही गांव के सेरंगटांड़, बीजूपानी, केराटोली, जोड़ी सरना, लेटाटोली, दुबियाठी, लहुआ, हेटकुलही टोला के लोग अभी भी विद्युतीकरण से वंचित है. इन गांव में विद्युतीकरण का कार्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में कराया जाये. इसी तरह वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि बूढ़ा पहाड़ के नीचे कुसुंबा गांव से बूढ़ा पहाड़ की दूरी ढाई किलोमीटर है. यह वन क्षेत्र के अंतर्गत पड़ता है. कुसुंबा से बूढ़ा पहाड़ तक पूरी तरह से खड़ी चढ़ाई है. इसलिए कुसुंबा से बूढ़ा पहाड़ पुलिस शिविर तक ढाई किलोमीटर पीसीसी पथ का निर्माण जनहित में कराना अपेक्षित है. हेसातू मध्य विद्यालय का स्तर उन्नत कर उसे उच्च विद्यालय का दर्जा दिया जाय, ताकि स्थानीय छात्र-छात्राएं उच्च स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके. केंद्रीय बल की प्रतिनियुक्ति एवं राज्य पुलिस बल के सकारात्मक प्रयास से नक्सली व उग्रवाद की समस्या नियंत्रण तो हुई है. लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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