पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी से हो रहा विकास : उदय राम

बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में पंचायती राज्य दिवस पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी.

मेदिनीनगर. बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में पंचायती राज्य दिवस पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की व संचालन संजय कुमार ने किया. मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि 24 अप्रैल 1993 में पंचायती राज्य व्यवस्था लागू हुई है. 73वें संविधान संशोधन के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायती राज के आरंभिक स्तर पर ग्राम पंचायत में निर्वाचित प्रतिनिधियों का सबसे महत्वपूर्ण संस्था है. अपने कार्यों और व्यवहारों के लिए पूर्ण रूप से जनता के प्रति उत्तरदायी है. बदले समय के साथ आम जन प्रतिनिधि संस्थाओं के साथ पंचायती राज्य व्यवस्था में काफी बदलाव हुआ है. बिहार में 2006 में महिलाओं को पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण मिला है. 65 प्रतिशत महिला निर्वाचित होकर पंचायती राज्य व्यवस्था में कई ऐसी महिलाएं शामिल हुईं हैं. महात्मा गांधी ने भी नारा दिया था. ग्राम स्वराज्य अभियान की परिकल्पना से ही गांव का विकास होगा. गांव की सरकार गांव का विकास करेगी. गांव की सरकार को पूर्ण शक्ति मिले तो गांव का विकास काफी हो सकता है. मौके पर कृष्णा राम, जयपाल मोची, संतोष विश्वकर्मा, सतीश दुबे, उपेंद्र रजक, संजय मिस्त्री, राजू राम, उमेश पासवान, उपेंद्र तिवारी, सूरजमल राम, श्याम पाठक, पिंटू पासवान, संजय चौरसिया व रामनरेश महतो ने विचार व्यक्त किये.

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Published by: Satyaprakash pathak

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