पलामू में सर्दी, खांसी व तेज बुखार से 7 दिन के अंदर पिता-पुत्री की मौत, बहू में भी दिखे ऐसे ही लक्षण, गांव में फैला Coronavirus का खौफ

Coronavirus Fear : father-daughter died within seven days due to cough cold and high fever in palamau district of jharkhand. छतरपुर : झारखंड (Jharkhand) के पलामू जिला (Palamu District) के छतरपुर प्रखंड (Chhatarpur Block) में महज सात दिन के अंदर अज्ञात बीमारी (Unknown Disease) से पिता-पुत्री की मौत हो गयी. मृतक की बहू भी इसी बीमारी की चपेट में है. उसका इलाज कराने की बजाय लोग बीमार महिला को ओझा के पास ले गये और उसकी झाड़-फूंक करवा रहे हैं. लोग इसे भूत-प्रेत का साया मान रहे हैं.

राजीव सिन्हा

छतरपुर : झारखंड (Jharkhand) के पलामू जिला (Palamu District) के छतरपुर प्रखंड (Chhatarpur Block) में महज सात दिन के अंदर अज्ञात बीमारी (Unknown Disease) से पिता-पुत्री की मौत हो गयी. मृतक की बहू भी इसी बीमारी की चपेट में है. उसका इलाज कराने की बजाय लोग बीमार महिला को ओझा के पास ले गये और उसकी झाड़-फूंक करवा रहे हैं. लोग इसे भूत-प्रेत का साया मान रहे हैं.

मामला छतरपुर प्रखंड के सुशीगंज गांव का है. एक सप्ताह के भीतर पिता-पुत्री की मौत और वही लक्षण बहू में भी दिखा, तो लोगों ने इसे भूत-प्रेस का साया मान लिया. पंचायत के मुखिया पंकज पासवान ने बताया कि सुशीगंज के गहनू भुइयां (55) को 12 मार्च को सर्दी, खांसी व तेज बुखार हुआ, तो उसने प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया.

इलाज कराकर घर लौटा और 14 मार्च को उसकी मृत्यु हो गयी. उसकी बेटी करमी देवी (30) को भी वही समस्या थी, जो उसके पिता गहनू भुईयां को थी. 19 मार्च की देर रात को करमी देवी को भी सर्दी, खांसी व तेज बुखार हो गया. उसे लोग अनुमंडलीय अस्पताल ले गये. इलाज कराकर वह 20 मार्च को घर लौट आयी. घर में उसी दिन उसकी मौत हो गयी.

अब शनिवार यानी 21 मार्च, 2020 को गहनू भुइयां की बहू सविता उसी बीमारी से पीड़ित हो गयी है. इसकी सूचना चिकित्सा प्रभारी को दी गयी. चिकित्सा प्रभारी डॉ राजेश अग्रवाल गांव जाकर सविता का इलाज करने पहुंचे, तो मालूम हुआ कि घर वाले इस बीमारी को भूत-प्रेत का प्रकोप समझ कर झाड़-फूंक कराने उसे हैदरनगर ले गये हैं.

एक ही परिवार के दो सदस्य की मौत व तीसरे के बीमार हो जाने से गांव में दहशत का माहौल है. लोगों में डर है कि कहीं कोरोना ने तो गांव में दस्तक नहीं दे दी. वहीं, मुखिया पंकज ने बताया कि गहनू की मौत पर परिजनों ने ध्यान नहीं दिया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

बेटी करमी की मौत हुई, तो लोगों ने उसका अंतिम संस्कार करने की बजाय शव को दफना दिया. गांव वाले कोरोना के डर के कारण करमी के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग पलामू के उपायुक्त से कर रहे हैं. गहनू भुइयां का बेटा और सविता का पति प्रमोद दूसरे राज्य में मजदूरी करता है. होली में वह अपने गांव लौटा था.

चिकित्सा प्रभारी डॉ राजेश अग्रवाल ने बताया कि घर पहुंचने पर बीमार सविता नहीं मिली. इसलिए उसकी जांच नहीं हो पायी. यह भी नहीं मालूम हो पाया कि उसे क्या बीमारी है. उन्होंने कहा कि घर के दो सदस्यों की मौत हुई है.

कोरोना वायरस के डर को डॉ अग्रवाल ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह बीमारी किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही फैलती है. महंगू के घर या गांव में कोई भी व्यक्ति बाहर से नहीं आया है. इसलिए यह कहना कि उसकी मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है, गलत है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >