रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट
पलामू जिले के पाटन प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में चुरादोहर और होमिया करमाही के बीच बहने वाली जिंजोई नदी पर आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है. हर वर्ष बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ते ही होमिया करमाही सहित करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों का चुरादोहर से संपर्क लगभग टूट जाता है. ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है. ग्रामीणों ने बताया कि स्तरोन्नत हाई स्कूल है, जहां आस पास के गांवों के छात्र छात्राएं पढ़ने जाते हैं. इसके अलावा वहां प्रत्येक रविवार और बुधवार को साप्ताहिक हाट लगता है. जहां लोग दैनिक जरूरत के सामान खरीदने पहुंचते हैं.
बीमार पड़ने पर मरीजों को इलाज के लिए भी चुरादोहर ही जाना पड़ता है. ऐसे में बरसात के दिनों में नदी पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है. ग्रामीण गोपाल बैगा ने बताया कि बारिश के मौसम में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है. वहीं सोमा बैगा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन उपायुक्त शशिरंजन होमिया स्कूल पहुंचे थे. उस समय ग्रामीणों ने जिंजोई नदी पर पुल निर्माण की मांग रखी थी. उपायुक्त ने चुनाव के बाद पुल बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका. ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या उठाते रहे हैं. लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है. पुल नहीं बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच प्रभावित रही है. ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से शीघ्र पुल निर्माण कराकर वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है. उक्त पुल का निर्माण हो जाने से न सिर्फ पाटन प्रखंड के आधा दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी, बल्कि मनातू प्रखंड के कई गांव के लोगों के लिए भी आवागमन सुगम हो जायेगा.
