अटलजी राजनेता नहीं, बल्कि सभी के मार्गदर्शक थे : अरुणा शंकर

अटलजी राजनेता नहीं, बल्कि सभी के मार्गदर्शक थे : अरुणा शंकर

मेदिनीनगर. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को टाउन हॉल में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शहर की प्रथम महापौर अरुणा शंकर ने अटलजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. मौके पर श्रीमती शंकर ने कहा कि अटलजी मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि हम सभी के मार्गदर्शक व प्रेरणास्रोत हैं. वे सदैव हमारे हृदय में बसे रहेंगे. उनकी स्मृतियां व उनका आशीर्वाद ही हमारे जीवन की असली पूंजी है. उनके बताये गये राष्ट्रवाद व अंत्योदय के मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है. कहा कि अटल जी की कालजयी पंक्तियां बाधाएं आती हैं आयें, घिरें प्रलय की घोर घटायें, निज हाथों में हंसते हंसते, आग लगाकर जलना होगा, क़दम मिलाकर चलना होगा का पाठ किया. कहा कि अटलजी का व्यक्तित्व व उनकी ये कविताएं हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहकर जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं. मौके पर भाजपा के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता व प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे. जिन्होंने अटलजी के योगदान को याद किया.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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