जूट का थैला व कागज का पैकेट को बना सकती हैं कमाई का जरिया
मेदिनीनगर : मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार गरीबी उन्मूलन के साथ- साथ महिला सशक्तिकरण के दिशा में सक्रियता के साथ काम कर रही है. ताकि समाज व राष्ट्र में गरीबी दूर हो और महिलाएं भी आत्मनिर्भर होकर आर्थिक स्वावंलन की राह पर बढ़े. गरीबी से उबरने का एक सशक्त माध्यम स्वयं सहायता समूह भी है. समूह से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ स्वयं स्वावलंबी बनेगी, बल्कि आत्मनिर्भर होकर अपनी एक अलग पहचान भी बनायेंगी.
श्रीमती शंकर मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति नगर भवन में दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी.कार्यक्रम में 70 स्वयं सहायता समूहों को समूह संचालन के लिए पंजी उपलब्ध करायी गयी. बताया गया कि मेदिनीनगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 144 स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है.
इन समूहों में से बेहतर कार्य करने वाले समूह का ग्रेडिंग कर उन्हें विभाग द्वारा विभिन्न तरह के पंजी उपलब्ध कराया गया. मेयर श्रीमती शंकर ने कहा कि महिलाएं यदि चाहें, तो घर का काम निबटाने के बाद भी आय वृद्धि के लिए कार्य कर सकती हैं. झारखंड में सरकार द्वारा पॉलीथिन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. मेदिनीनगर नगर निगम में सरकार के इस निर्णय का कड़ाई के साथ अनुपालन हो, इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है. ऐसे में महिलाएं यदि चाहे तो कागज का पैकेट, जूट का थैला आदि बनाने का कार्य कर सकती है.
इसमें अधिक लागत भी नहीं है. इसके लिए बाजार भी नहीं तलाशना है और पॉलीथिन का एक विकल्प भी सामने आ जायेगा. अवसर कई है बस नजरिया बदल कर ईमानदारी के साथ अपनी पहचान बनाने के लिए आगे आने की जरूरत है.सरकार की भी कोशिश है कि महिलाओं की समाज में सशक्त भागीदारी हो. डिप्टी मेयर राकेश कुमार सिंह उर्फ मंगल सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने गरीबी उन्मूलन के लिए कई तरह की योजना चलायी है.
निगम के सिटी मिशन मैनेजर आनंद किशोर दांगी ने एनयूएलएम के कार्य एवं उद्देश्य के बारे में बताया. वार्ड पार्षद अहिल्या देवी ने अपने अधिकार के लिए जागरूक होने की सलाह दी. कार्यक्रम के दौरान ग्रेडिंग के आधार पर वैष्णवी, गौरी, सीता, सहेली, लक्ष्मीनारायण, हर- हर महादेव स्वयं सहायता समूह सहित 70 समूहों के बीच पंजी वितरित किया गया.साथ ही पंजी संधारण के लिए विस्तार से जानकारी दी गयी.इसे सफल बनाने में सामुदायिक संगठनकर्ता राजन सिंह, रिम्पी सहित अन्य लोग सक्रिय थे.
