हुसैनाबाद में प्राचीन अवशेष मिले

हुसैनाबाद(पलामू) : जपला-छतरपुर मुख्य पथ से तीन-चार किलो मीटर पूरब में छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरा झड़गाड़ा गांव में 2500 वर्ष प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं. गांव के उत्तर में स्थित झपिया पहाड़ की तलहट्टी में तथा सूअर दाहा नदी के किनारे पर्याप्त मात्र में काला, लाल, धूसरा व कत्थई रंग का नवकाशदार मृदभांड के […]

हुसैनाबाद(पलामू) : जपला-छतरपुर मुख्य पथ से तीन-चार किलो मीटर पूरब में छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरा झड़गाड़ा गांव में 2500 वर्ष प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं.

गांव के उत्तर में स्थित झपिया पहाड़ की तलहट्टी में तथा सूअर दाहा नदी के किनारे पर्याप्त मात्र में काला, लाल, धूसरा व कत्थई रंग का नवकाशदार मृदभांड के टुकड़े क्वार्टज व लाल पत्थर, चूड़ियां, रेड पॉलिस वेयर आदि मिले हैं. यहीं पर हजार वर्ष पुरानी कांचा रानी उर्फ मुचुक रानी की मूर्ति एक चट्टान की आड़ में अवस्थित है, जिसकी पूजा लोग सैकड़ों वर्षो से करते आ रहे हैं. यहां से थोड़ी दूर वीरान स्थल पर एक पेड़ के नीचे पाल कालीन हनुमान की मूर्ति अवस्थित है.

उक्त बातें पुरातत्व शोध परिषद व हेरिटेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया की संयुक्त टीम ने झडगाड़ा गांव का दौरा कर पत्रकारों को बतायी. टीम में इतिहासकार अंगद किशोर, रांची विश्वविद्यालय के अभिषेक कुमार गुप्ता, कमलेश कुमार विश्वकर्मा व अजीत कुमार उल्लेखनीय हैं. टीम को सहयोग करने वालों में अनिल सिंह, रामव्रत यादव, अनिल यादव , सनमुख सिंह, अशोक सिंह, सुरेंद्र यादव, भरत पासवान व दुधेश्वर यादव प्रमुख है. झड़गड़ा पंचायत के मुखिया संतोष चौधरी ने इस एतिहासिक गांव को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग राज्य व केंद्र सरकार से की है.

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