डीआइजी ने तीन जिले के एसपी के साथ की बैठक
मेदिनीनगर : पलामू प्रमंडल के 45 मॉस्ट वांटेड अपराधी चिह्न्ति किये गये हैं. रंगदारी के नाम पर पैसे की वसूली चल रही है. इस पर नकेल कसने के लिए भी रणनीति बनी है. खास तौर पर यह समस्या गढ़वा व पलामू क्षेत्र में हैं. इसलिए रणनीति के साथ इन इलाकों में काम शुरू होगा. गुरुवार को पलामू प्रक्षेत्र के डीआइजी रविकांत धान ने प्रमंडलीय समीक्षा बैठक की.
बैठक में प्रमंडल के तीनों जिले पलामू, लातेहार, गढ़वा के 15-15-15 मॉस्ट वांटेडों की सूची तैयार की गयी है. इसमें वैसे अपराधी शामिल हैं, जो जेल से बाहर हैं, जमानत पर हैं या फिर फरार हैं. जमानत पर जो हैं, उनके जमानतदारों का सत्यापन होगा. रंगदारी पर अंकुश लगे, इसके लिए पुलिस सक्रियता के साथ काम करेगी. क्योंकि पलामू और गढ़वा में स्टैंड से वसूली का बड़ा धंधा चलता है. इस पर पूर्णत: अंकुश लगे, इसके लिए डीआइजी श्री धान ने सक्रियता के साथ काम करने को कहा. बैठक में डीआइजी श्री धान ने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटना में शामिल अपराधियों को इसमें स्पीडी ट्रायल का अनुरोध किया जायेगा.
इसके लिए थाना स्तर पर नोडल पदाधिकारी भी नियुक्त किये जायेंगे. क्योंकि अक्सर यह देखा जाता है कि मामला काफी दिनों तक लंबित रहने के कारण इसका लाभ आरोपियों को मिल जाता है. इसलिए इस मामले में सक्रिय होकर कार्य करने की जरूरत है. बैठक में पलामू एसपी वाइएस रमेश, गढ़वा एसपी सुधीर झा, लातेहार एसपी डॉ एस माइकल राज सहित कई लोग मौजूद थे.
होगी सख्ती से कार्रवाई : माओवादियों के अलावा जो उग्रवादी इलाके में सक्रिय हैं, उनके खिलाफ भी पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी. इस अभियान में भी पुलिस उतनी शक्ति और ऊर्जा लगायेगी, जितना माओवादियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में लगाती है. डीआइजी रविकांत धान ने कहा कि यह बिल्कुल साफ हो चुका है कि जो उग्रवादी संगठन बने हैं, वह आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रही है. इनलोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जरूरी है. इसके लिए प्रमंडल में रणनीति तैयार की गयी है.
